दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बिहार राज्य किसान सभा का राज्य स्तरीय जी बी बैठक का .ललन चौधरी की अध्यक्षता में पटना में हुई । बैठक को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव का .नन्द किशोर शुक्ला ने हिसार में हुए किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन और उसके औचित्य को विस्तार से बतलाया । भूमि अधिग्रहण किसान विरोधी बिल  लाकर मौजूदा मोदी सरकार किसानों पर हमला किया । जो लम्बे संघर्ष के बाद स्थगित है । आज भी इनकी मंशा उसे कानून में तब्दील करना है । मोदी सरकार किसानों के साथ वादा खिलाफी कर रही है । कृषि कर्ज से किसानों को अबतक मुक्ति नहीं मिली । स्वामीनाथन कमीशन के अनुशंसाओं को लागू नहीं किया गया । न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिला । गो रक्षा के नाम पर  किसानों के अनुपयोगी पशुओं को बेचने से रोका गया । पहलू खाँ जैसे गो पालक को धर्म के आधार पर मार दिया गया । इन सवालों पर 184 किसान संगठनों की राष्ट्रीय स्तर पर किसान समन्वय समिति बना कर किसानों के जत्था निकले । 2 अक्टूबर को पश्चिम चम्पारण के भितिहरवा से तथा 3 नवम्बर को नवादा में प्रवेश कर गया , जहाना वाद , आरा , भोजपुर , पटना , लक्खी सराय , बेगू सराय , समस्तीपुर , दरभंगा , मुजफ्फरपुर होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया ।जत्था का अन्तिम पड़ाव 20-21 नवम्बर 17 को दिल्ली में दो दिवसीय महा पड़ाव जन्तर मंतर पर  कर मोदी सरकार को किसानों की हुँकार सुनाई ।  भूमि सुधार कानून अभी तक पश्चिम बंगाल , केरल और त्रिपुरा की वामपंथी सरकारों ने ही लागू किया है । बिहार जैसी सरकारे लागू नहीं कर रही है । इस लड़ाई को आगे बढ़ाना है । ईख , मक्का दूध जैसे नगदी सवालों पर अन्दोलन खड़ा किया जाय । बिहार के सासामूसा चीनी मिल के  ब्वायलर फटने से 8 मिल मजदूरों की मौत के बाद बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ तथा किसान सभा ने करवाई की है । 
         महराष्ट्र , राजस्थान में किसान सभा द्वारा भारी कारवाईया हुई है ।
    जी बी में किसान सभा के बिहार राज्य सचिव विनोद कुमार , उपाध्यक्ष अवधेश कुमार , राजेन्द्र सिंह , संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव , अरुण कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे ।