दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
डीटीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ0 नीलेश रामचन्द्र देवरे व बेतिया अनुमंडल पदाधिकारी विधानंद पासवान ने शनिवार को छापेमारी कर बड़े पैमाने पर शौचालय, किचन रूम आदि जगहों में छुपाकर रखे गए आवश्यक कागजात तथा फाईल बरामद किया । छापा पड़ते ही डीटीओ कार्यालय का प्रधान लिपिक विमल कुमार कार्यालय छोड़कर भाग निकला। जिलाधिकारी ने जाँच के दौरान डीटीओ कार्यालय के प्रोग्रामर हरेंद्र कुमार, चलान काटने वाले म0 इरफान के अलावे दलाल नीरज कुमार, अमित मिश्रा, वैधनाथ साह व संजय पटेल सहित कुल 6 लोगो को हिरासत में लेकर जाँच के बाद जेल भेजा गया है। वही प्रोग्रामर हरेंद्र कुमार के काउंटर से 18 हजार रुपया नगद बरामद किया गया जिसमें 500 रुपये का पुराना नोट भी शामिल था। इस मामले में बेतिया अनुमंडल पदाधिकारी ने नगर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस कार्यालय में कई महीने से भ्रष्टाचार का खेल जारी था। लोग अनावश्यक परेशान हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि डीटीओ कार्यालय भ्रष्टाचार की गंगोत्री में आकंठ डूबा हुआ था। यहाँ कोई भी काम दलालों के माध्यम से ही होता आ रहा है। इस पूरे प्रकरण का महानायक कार्यालय का बड़ा बाबू विमल कुमार ही था। ज्ञात हो कि विमल का 1985 से अनुमंडल में सेवा थी किन्तु अनुमंडल में कभी भी सेवा नहीं दे पाया आज तक वह केवल समाहरणालय के मलाईदार पदों पर ही कार्य करता रहा है । सूत्रों की मानें तो विमल ने इस मलाईदार पदों पर रहते अकूत संपत्ति बना ली है जो जांच का विषय है ।