दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
नरकटियागंज, बगहा-01 एवं मझौलिया प्रखंड परिसर में होगा आयोजन। चलंत लोक अदालत का आयोजन दिनांक 19.11.2019 को नरकटियागंज प्रखंड परिसर में, दिनांक 20.11.2019 को बगहा-01 प्रखंड परिसर तथा दिनांक 21.11.2019 को मझौलिया प्रखंड परिसर में पूर्वाहन 10.30 बजे से किया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने कहा कि जो भी पक्षकार सुलह के माध्यम से अपने वाद यथा-लघु दीवानी, सुलहनीय आपराधिक वाद, दावा क्षतिपूर्ति, बैंक, बीएसएनएल एवं बीमा कंपनियों से संबंधित वाद का निष्पादन कराना चाहते हैं वे संबंधित न्यायालय से संपर्क कर अपना वाद एडीआर भवन में जमा करायें। इसके साथ ही दोनों पक्ष चलंत लोक अदालत के समक्ष उपस्थित रहेंगे ताकि उनके वादों का निष्पादन किया जा सके। उन्होंने कहा कि निरंतर लोक अदालत द्वारा भी विभिन्न मामलों का परस्पर वार्ता के आधार पर निष्पादन किया जा रहा है। लोक अदालत एक ऐसी न्यायिक प्रक्रिया है जहाँ पक्षकारों की सहमति से निर्णय होता है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धीरेंद्र राजाजी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत की भांति ही प्रत्येक कार्य दिवस में एडीआर भवन, कोर्ट परिसर, बेतिया, पश्चिम चम्पारण में निरंतर लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सफलतापूर्वक जीवन के लिए हाथ मिलाना और वाद को सुलझा लेने में ही समझदारी है। विवादों को जितना बढ़ाएंगे उतना ही बढ़ेगा। इस तरह की सोच से परेशानी ही होगी। शारीरिक, मानसिक क्षति तो होगी ही साथ-साथ आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निष्पादित मुकदमों का कोई अपील नहीं होता है। लोक अदालत में किसी की हार नहीं होती है। दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने पक्षकारों से अपील किया है कि एडीआर भवन, कोर्ट परिसर, बेतिया में संचालित निरंतर लोक अदालत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन निःशुल्क कराएं। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर 2019 को जिला एवं 1अनुमंडल न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन हेतु आवश्यक तैयारी की जा रही है। इस लोक अदालत में धन वसूली वाद, श्रम वाद, विधुत तथा पानी बिल संबंधित वाद, भरण-पोषण मामलें, आपराधिक शमनीय एवं अन्य सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण वाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामलें, वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित वाद, राजस्व मामलें सहित अन्य दीवानी वादों का निपटारा किया जाएगा।