बाढ़ पीड़ितों को सहायता को आगे आये हाथ

सरकार जहाँ नहीं पहुंची वहां समाजसेवी कर रहे लोगों का सहयोग ।

पानापुर (सारण)प्रखण्ड के सभी ग्यारह पंचायतों में बाढ़ का कहर जारी है।दिन -प्रतिदिन सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घूसकर लोगों का जीवन बेहाल कर दिया है।ऐसे में सभी पीड़ित परिवार सरकार की तरफ आशा भरी निगाहों जमाए है कि सरकार, उसके पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधि हमारी सहायता जरूर करेंगे ।लेकिन ठीक इसके विपरीत प्रखण्ड के अला अफसर अपनी जिम्मेदारियों से भाग खड़े हुए हैं तथा लोगों को भगवान भरोसे जिने को छोड़ दिए हैं।जिसका नमूना है कि प्रखण्ड कार्यालय को तरैयां के पचभिण्डा में शिफ्ट किया गया है।हजारों लोगों बाढ़ में फंसे हैं लेकिन उनके लिए न नाव की व्यवस्था की गई है और न रहने खाने तथा मवेशियों के चारे की व्यवस्था है।लोगों का आरोप है कि स्थानीय सांसद तथा विधायक आये तथा फोटो खिंचवा कर आश्वासन दिए की सब व्यवस्था हो जाएगा, लेकिन हमारी सुधी लेनेवाला कोई नहीं है।दिखावे के लिए दर्जनों सामुदायिक रसोईघर चलाये जा रहे हैं।लेकिन ये रसोईघर ऐसे जगह चलाये जा रहे हैं जहाँ इनकी आवश्यकता हीं नही है।टोटहाॅ, बेलौर,सतजोड़ा, बेतौरा, धेनुकी, दुबौली, खरवट सहित दर्जनों गाँवों में कम्युनिटी किचेन से पीड़ित परिवारों तक भोजन नहीं पहुँच पा रहा है।ऐसे में” संगम बाबा “समाजसेवी ने आगे बढ़कर कोरोना काल से जल प्रलय काल तक लोगों के दुख दर्द को जाना तथा जरूरी सहायता की।भाकपा माले जिला सचिव ने दर्जनों गाँवों का भ्रमण कर लोगों हाल जाना तथा उनके के लिए प्रशासन नाव,खाने की व्यवस्था तथा मवेशियों के लिए चारे की माँग की ।