⏭पाकिस्तानी परिवार की कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, हिंदू परिवार ने दी पनाह

दैनिक खोज खबर लुधियाना:-खन्ना के खालसा स्कूल रोड निवासी एक हिंदू परिवार ने रात को मुसीबत में फंसे पाकिस्तानी परिवार की सहायता कर इंसानियत की मिसाल पेश की। हिंदू परिवार ने न केवल उनका इलाज करवाया, बल्कि रात को अपने घर में भी पनाह दी।

हुआ यूं पाकिस्तान के सियालकोट में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर हफीज इजाज भट्टी और उनकी रिश्तेदार नसीम बेगम का करीब डेढ़ साल से नोएडा में इलाज चल रहा है। दोनों किडनी ट्रांसप्लांटेशन के लिए ईशा इजाज, इंतजार फारुख, नसीम बेगम, नदीम नवाज व आयशा बीबी के साथ शनिवार को अटारी बार्डर से इनोवा गाड़ी में नोएडा जा रहे थे। ईशा ने अपने पिता हफीज और इंतजार ने अपनी पत्नी नसीम को किडनी देनी है। रात करीब साढ़े 11 बजे भट्टियां के पास इनोवा गाड़ी पंक्चर हो गई। इस दौरान पीछे आ रहे कैंटर ने इनोवा को टक्कर मार दी। इससे पाकिस्तानी परिवार घायल हो गया।

पाकिस्तानी परिवार राहगीरों को सहायता के लिए हाथ दे रहा था, लेकिन कोई रुक नहीं रहा था। तभी खन्ना के राजपाल और दीपक कुमार अपने परिवार सहित वहां पहुंचे। वह होटल में किसी पार्टी से घर जा रहे थे। उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। इस पर पाकिस्तानी परिवार ने मदद की गुहार लगाई तो इंसानियत के तौर पर वह सभी को सिविल अस्पताल लेकर गए। प्राथमिक सहायता के बाद वह पाकिस्तानी परिवार को अपने घर पर ले गए। रात भर इस हिन्दू परिवार ने पड़ोसी देश से आए लोगों की खूब सेवा की। सुबह उनकी पसंद का नाश्ता बनाया और बाद में नोएडा के लिए रवाना किया।

हफीज इजाज ने बताया कि उन्हें पंजाब में ऐसी उम्मीद नहीं थी कि कोई मुसीबत पडऩे पर सहायता करेगा। रात को भी हादसा होने के बाद बहुत सारी गाडिय़ां वहां से निकलीं। एक-दो गाडिय़ां रुकीं, लेकिन हमारा पहनावा व बोली देखने के बाद सभी वहां से निकल गए। खन्ना के इस हिंदू परिवार ने जो उन्हें मोहब्बत की मिठास दी है, उसका सुरूर जिन्दगी भर रहेगा और वे कभी इस अहसान को भुला नहीं पाएंगे। हफीज ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के आम लोगों में नफरत वाली कोई बात नहीं है। सियासतदान ही नहीं चाहते कि दोनों देश एक हो जाएं। वर्ष 1947 में दो भाई अलग हुए थे। आज दोनों आपस में नफरत की आग होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसके पीछे एक ही कारण है, वो है केवल सियासत।

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