• पहले चरण में ₹6,500 करोड़ का निवेश PPP मोड पर, बाहरी कनेक्टिविटी की लागत राज्य सरकार वहन करेगी।
• 2030 तक पूरा होगा फेज-1, कुल लागत होगी 37000 करोड़
• Code-E और F श्रेणी के बोइंग 777 और A-320, A-380 जैसे बड़े विमानों की लैंडिंग, टैक्सी एवं पार्किंग की सुविधा होगी।
• एयरपोर्ट को आधुनिक Cargo Hub के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
• निजी एवं गैर-सरकारी कॉरपोरेट विमानों के लिए अलग छोटा टर्मिनल विकसित किया जाएगा।
• रनवे के मध्य, उत्तर-दक्षिण दिशा के बीच Commercial Area एवं Aerocity Hub विकसित होगा।
• 45 से 60 मीटर का बिहार का सबसे बड़ा, ऊंचे आधुनिक ATC Tower का निर्माण होगा।
• टर्मिनल का विकास Phase-I, Phase-II और Phase-III में किया जाएगा।
• रैयतों के हित में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने के लिए PMU का गठन ।
• भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम RITES Ltd. द्वारा बैठक में TEFR प्रस्तुत की गई, जिसे बैठक में अनुमोदन प्राप्त हुआ।
पटना। बिहार में हवाई संपर्क और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सोनपुर एवं अजगैबीनाथ धाम प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सारण सांसद श्री राजीव प्रताप रूडी सहित मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर सिंह तथा सिविल विमानन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट की परियोजना से संबंधित टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट क्षमता, कनेक्टिविटी एवं आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम RITES Ltd. द्वारा एयरपोर्ट की TEFR (Techno-Economic Feasibility Report) का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसके बाद बैठक में मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त हुआ।
सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग ₹6,500 करोड़ का निवेश PPP (Public Private Partnership) मोड पर किया जाएगा। परियोजना के लिए बाहरी कनेक्टिविटी की लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इससे परियोजना के निर्माण के साथ-साथ एयरपोर्ट को आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने वाली आधारभूत संरचना के विकास को भी गति मिलेगी।
सोनपुर एयरपोर्ट को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार 3800 मीटर लंबाई की तीन रनवे का निर्माण होगा। आधुनिक CAT Guiding System दोनों दिशाओं से उपलब्ध होगा, जिससे प्रतिकूल मौसम और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी विमान संचालन की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकेगा।
एयरपोर्ट को Code-E और F श्रेणी के बड़े विमानों, जिसमें बोइंग 777 और A-320, A-380 जैसे विमान शामिल हैं, के संचालन के अनुकूल विकसित करने की योजना है। इसके लिए विमानों की लैंडिंग, टैक्सी एवं पार्किंग की आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल यात्री हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक Cargo Hub के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे माल परिवहन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एयर कार्गो की संभावनाओं को विकसित किया जा सकेगा।
एयरपोर्ट परिसर की समग्र योजना में रनवे के मध्य, उत्तर-दक्षिण दिशा के बीच Commercial Area और Aerocity Hub विकसित करने की परिकल्पना है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए एक संगठित क्षेत्र विकसित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त निजी एवं गैर-सरकारी कॉरपोरेट्स के लिए अलग छोटे टर्मिनल की भी व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे निजी एवं कॉरपोरेट विमान संचालन को स्वतंत्र सुविधा मिल सके।
एयरपोर्ट परिसर में लगभग 45 से 60 मीटर ऊंचे आधुनिक ATC Tower के निर्माण की योजना है। प्रस्तावित ATC टावर को बिहार का सबसे बड़ा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनाने की योजना है, जो भविष्य में एयरपोर्ट की बढ़ती परिचालन क्षमता के अनुरूप हवाई यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एयरपोर्ट के टर्मिनल का विकास Phase-I, Phase-II और Phase-III में किया जाएगा। परियोजना के Phase-I को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है जिसकी कुल लागत 37000 करोड़ होगी। आगे यात्री क्षमता और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप दूसरे एवं तीसरे चरण में टर्मिनल तथा अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए PMU (Project Management Unit) का गठन किया गया है। यह विशेष समर्पित इकाई भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न विभागों और प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के साथ रैयतों से जुड़े विषयों के समयबद्ध समाधान में भी सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है।
सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकसित होने से सारण सहित आसपास के क्षेत्रों में बेहतर हवाई संपर्क, व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बड़े विमानों के संचालन, कार्गो सुविधा और एयरोसिटी हब की परिकल्पना के साथ यह परियोजना क्षेत्र की भविष्य की आर्थिक एवं परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है।