
छपरा: पंचायत प्रतिनिधियो के सम्मान की लड़ाई में पंचायत प्रतिनिधि ही लड़ रहे मेरा चुनाव, उन्होंने नारा दिया है अबकी बार चार हजार पार, जिले का चुनाव जाति पार्टी से ऊपर पंचायत प्रतिनिधियों के स्वाभिमान की लड़ाई बन गयी है तो हमारा भी संकल्प है पंचायत प्रतिनिधियों के सुरक्षा और बेतन ,भत्ता और पेंशन की मजबूत लड़ाई लड़ना और इस बार की प्राथमिकता होगी,चुनाव प्रचार के दौरान निर्दलीय एमएलसी प्रत्याशी ई सचिदानंद राय आज सदर और गरखा प्रखंड के प्रतिनिधयों से अपने पक्ष में जन समर्थन मांगा,
इस दौरान उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के वेतन पेंशन भत्ते और मेडिकल सुविधाओं के लिए सरकार ने नीतिगत फैसला 6 वर्षों के कार्यकाल में मजबूती से मांग उठाने के बाद की है परंतु अब है कभी ऐसे कार्य बाकी है जिससे गांव की सरकार गांव से चले और पंचायत सरकार गांव के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं इसके लिए सारण के समस्त जनप्रतिनिधि मेरे पक्ष में गोलबंद है जनप्रतिनिधियों का यह मानना है कि सारण के बुलंद आवाज के रूप में मैं उनका मान सम्मान बढ़ आऊंगा जिसके कारण उन्होंने यह नारा दिया है अब की बार 4000 बार यह नारा काफी उत्साहित करने वाला है परंतु सरकार बड़ी साजिश भी रच रही है जिसका जवाब जनप्रतिनिधि 4 अप्रैल को होने वाले मतदान में देंगे उन्होंने कहा कि हमारा पिछड़ा संकल्प था गांव को मिले उनकी सरकार जिस मामले में मैंने सारण के जनप्रतिनिधियों के आवाज को मजबूती से उठाया और वार्ड सदस्यों को भी पंचायतों में काम मिलने लगा अब इसके बाद अब इसके बाद हमारी लड़ाई पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मानजनक वेतन पेंशन और भत्ते को लेकर है जिसमें मैं लगा हुआ हूं और चुनाव परिणाम आने के बाद सड़क से सदन तक प्राथमिकता के आधार पर पंचायत के प्रतिनिधि सदस्यों के स्वाभिमान के रक्षा में करता रहूंगा, जिसे लेकर पंचायत प्रतिनिधि ही मेरी लड़ाई लड़ रहे है, जिले में जाति पार्टी से ऊपर उठ कर चुनाव में पंचायत प्रतिनिधि अपने स्वाभिमान के रक्षा के लिए जग गए है,




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