कार्यपालक पदाधिकारी पर रिश्वतखोरी का आरोप

प्रधानमंत्री आवास योजना में 30हजार से 50हजार तक वसूली के बाद ही लाभुकों को मिलता है,लाभ

दिघवारा (सारण) प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा रिश्वतखोरी का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय, नयी दिल्ली पहुंचा। शिकायत कर्ता उपेन्द्र कुमार, अनीता देवी, प्रमिला देवी के आरोप पर पीएमओ के प्रशाखा अधिकारी मुकुल दीक्षित ने पत्रांक पीएमओ पीजी/2019/0345375 दिनांक 18 सितम्बर 2019 के तहत मुख्य सचिव, बिहार सरकार से जांच व कार्रवाई का निदेश जारी किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित अवेदन में शिकायतकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, दिघवारा पर 30हजार से 50हजार तक वसूली के बाद ही लाभुको दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार संयुक्त परिवार को अलग-अलग करके राशि आवंटित की गई है, वहीं सूची में नाम रहने के बाद भी गरीब प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ से वंचित हैं । पीएमओ के पत्र के बाद अपर समहर्ता ने लोकशिकायत कोषांग में मामला दर्ज कर दिघवारा नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी से कारण पृक्षा नोटिस जारी की है। एडीएम सारण ने अपने नोटिस में कहा है कि यदि 60दिन में कारण पृक्षा का उत्तर अप्राप्त रहे तो लोक शिकायत अधिकार अधिनियम 2015 के अन्तर्गत कार्रवाई होगी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अब तक कार्यपालक पदाधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है और न प्रशासनिक स्तर पर कोई जांच किसी एजेंसी को दी गई है ।