• बच्चों को धूप से बचाने व खाली पेट न सुलाने की दी जा रही है सलाह
  • साफ सफाई के बारे में किया जा रहा है जागरूक

मोतिहारी, 19 अप्रैल । जिले के चिरैया प्रखण्ड के महुआवां पश्चिम गांव में महाकाल जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा बच्चों को चमकी बुखार से बचाव से संबंधित जानकारी चौपाल लगाकर दी जा रही है।
इस अवसर पर जीविका के प्रखण्ड समुदायक सतीश कुमार केसरी ने चमकी के लक्षण व उससे बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि- लोगों को खासकर ग्रामीण, महादलित टोलों में चमकी/एईएस से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना चमकी से लड़ने में एक आवश्यक हथियार साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के बारे में जानकारी व जागरूकता के द्वारा लोग अपने रहन- सहन में सुधार कर इस बीमारी पर विजय पा सकते हैं।

  • धूप से बचाने व खाली पेट न सुलाने की सलाह;
    प्रखण्ड समन्वयक सतीश कुमार ने बताया कि चमकी बुखार में बच्चों को दोपहर की कड़ी धूप से जरूर बचाएं। इस वक्त बच्चे को घर से बाहर न निकलने दें। जूठे, पेड़ से गिरे हुए फल न खाने दें। रात में भूखे पेट नही सोना है। साथ ही रात में गुड़ जरूर खिलाना है, ताकि शुगर लेवल बरकरार रहे।
  • साफ सफाई के बारे में किया जा रहा है जागरूक;
    जीविका संगठन द्वारा बच्चों, महिलाओं व आम लोगों को साफ सफाई ,स्वच्छता के विषय में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें भोजन के पहले व शौच के बाद हाथों के अच्छे ढंग से साफ सफाई के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
  • गर्मियों के महीनों में एईएस के मामले देखे जाते हैं;
    वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ शरतचन्द्र शर्मा ने कहा कि एईएस का जुड़ाव गर्मी और नमी से है। प्रायः देखा गया है कि यह रोग मार्च- अप्रैल के गर्मी के महीनों से शुरू होता है। बरसात के समय मामलों में काफी कमी होती है। उन्होंने बताया कि जन जागरूकता एईएस से निपटने में मददगार साबित हो रहा है।
  • चमकी से बचाव के उपाय;
    वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ शर्मा ने कहा कि तापमान बढ़ रहा है ऐसे में एईएस के मामलों का बढ़ना तय है। इससे बचाव के लिये अभिभावक अपने बच्चे की धूप से बचाएं। रात को किसी भी हालत में भूखे नहीं सोने दें। दिन में एक बार ओआरएस घोल कर जरूर पिलाएं। बच्चे को कच्चा लीची नहीं खाने दें। घर की खिड़की व दरवाजा बंद नहीं करें। हवादार रहने दें। पीकू वार्ड में दवा की कमी नहीं है। किसी प्रकार के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में दिखाएं । सभी प्रकार की इलाज व दवाए मुफ्त उपलब्ध है।