जलालपुर प्रखंड के बसडीला ब्रम्ह स्थान पर नौ दिवसीय अष्टयाम मे दिया जा रहा नैतिक शिक्षा


छपरा। जलापुर प्रखंड के बसडीला ब्रम्ह स्थान पर चल 80 वे नवाह्य वार्षिकोत्सव समारोह मे न सीर्फ जय सीयाराम जय जय सीयाराम के अखण्ड राम धून व होम से पूरा इलाक पिछले छः दिनो से गुॅजयमान हो रहा है अपति देश के कोने कोने से आये मुखर वक्ताओ व श्रीराम कृष्ण कथा के विवेचको के मुखारविंद से निकले एक एक अमृत वानी लोगो के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।लोग राम नाम अमृत का पान व मेला का लुत्फ उठाने के बाद दिन भर और देर रात तक प्रवचन का भी लुत्फ उठा रहे है,वृन्दावन से आये भरत दास जी महाराज,झाॅसी के सुश्री साधना शास्त्री, जौनपुर के सुश्री वन्दना कुमारी व प्रकाश चन्द विद्यार्थी,छपरा के सुप्रिया शास्त्री, उपेन्द्र दास,श्रीपति मिश्र ,जब्बलपुर के डाक्टर आर पी ओझा उर्फ मानस राज हंस,अयोध्या के मधुसूदन शास्त्री, सुल्तान गढ के अनील शास्त्री, आमी के शिववचन सिह आदि के रामा नामामृत से दर्शक,व श्रोता भक्त कथा श्रवण कर न सीर्फ अपना जीवन धन्य बना रहे है बल्कि सनातन धर्मावलंवियो के दैनिक नियम व नैतिक शिक्षा भी विद्वान वक्ताओ से ग्रहण कर रहे है।विदित हो कि बीसवी सदी के पूरवार्ध मे 1941 ईस्वी से माध के बसंत पंचमी से 10 दिवसीय रामनाम महा यज्ञ की शुरूआत श्री श्रो 1008 श्री शिव शर्मा मिश्र ने की थी जिसका निर्वहण बसडिला के ग्रामीणो के अतिरिक्त बाजितपुर,मिश्रवलिया,सकड्डी,अशोकनगर,कोठेया आदि दर्जनो गाॅव के सनातन धर्मावलंवियो द्वारा तन-मन-धन से किया जाता है और नौ दिनो तक अखण्ड राम धून किर्तन,होम व अखण्ड दीप प्रज्जवलित कर विश्व के समस्त सनातन धर्मावलंवियो के सुख शान्ति समृद्धि व प्रगतिशीलता के लिए प्रार्थना किया जाता है।अखण्ड किर्तन मे खास तौर पर बसडिला के समस्त नर-नारी लडका लडकी बृद्ध सब हिस्सा लेते है।यज्ञ के प्रधान जजमान सेवा निवृत शिक्षक दीन बन्धु सिंह ने कहा की हम सभी श्रद्धालुओ व सेवको द्वारा आगंतुक भक्तो के सहयोग व सेवा मे समस्त बसडिला वासी व आस पास गाॅवो के कार्यकर्ता दिन रात तैनात रहते है।