•मांडलगढ़ राजस्थान उप चुनाव: चुनावी समर में आ रहे राजे,जोशी व लाल, भाजपा, कांग्रेस-निर्दलियों का जानेगे हाल

💢 मांडलगढ़ [ दिलीप मेहता ].✍🏻 ज्यों ज्यों चुनाव में वोट डालने के दिन पास आते जा रहे है वहीं यहां पर नेताओ का जमावडा लगने वाला है ? आजकल में कांग्रेस के दिग्गज नेता सीपी जोशी यहां पर 2–3 दिन पडाव डालने वाले है जिनके साथ कई प्रदेश स्तरीय नेता भी होगे।

जोशी के आने से कांग्रेस में जोश का बिगुल बजेगा और अन्य वर्ग के साथ साथ ब्राह्म्ण मतदाताओ पर उनका फोकस रहेगा। विवेक धाकड इस बार खुले मन से मालवीय के खडे होने के बावजुद भी तनाव रहित होकर शालिनता के साथ प्रचार प्रसार कर रहे है और इस बार उनको अच्छा समर्थन मिल रहा है।

वहीं कांग्रेस के बागी निर्दलिय प्रत्याक्षी गोपाल मालवीय समर्थको के सहारे जोरदार ढंग से प्रचार कर रहे है। संभावना है कि मालवीय के लिये किरौडीलाल मीणा व हनुमान बेनीवाल 20 जनवरी बाद यहां पर आने वाले है और खेराड व बिजौलियां में सभा कराने की संभावित तैयारियां किये जाने पर विचार चल रहा है।

किरोडीलाल मीणा वो चेहरा है जिनकी समाज में गहरी जडे जमी हुई है। मीणा हैलीकोप्टर से आयेंगे ऐसी संभावना है। साथ ही गुटबाजी की पटरी पर रेंगती हुई भाजपा इस चुनाव में सरकार होने के कारण मजबूती से खडी दिखाई दे रही है तथा 4–5 दिन बाद में मुख्यमंत्री राजे का भी चुनावी दौरा हो सकता है।

राजे के आने की संभावना के चलते यहां पहले से ही मंत्री व विधायक गण डेरा डाल चुके है। मंत्री श्रीचंद कृपलानी की रणनीति के सहारे भाजपा अब प्रचार की दिशा में दौडती दिखाई दे रही है। गोपाल मालवीय के खडे रहने से कांग्रेस के साथ साथ भाजपा को भी नुकसान उठाना पड रहा है।

पिछले चुनाव में खनन लॉबी व कांग्रेस के विवेक धाकड के प्रति नाराजगी के वोट भाजपा को मिले थे लेकिन वो वोट अब भाजपा को न जाकर मालवीय ले रहे है जिससे भाजपा को सीधा सीधा नुकसान दिख रहा है तथा इस बार मोदी लहर भी नही है।

खेराड में मालवीय कांग्रेस के वोटो में कमी कर सकते है । इसके चलते यह चुनाव रोचक हो गया है। फिलहाल कांग्रेस अपने वोटो को आश्वस्त मान रही है तो भाजपा फूंक फूंक कर चल रही है क्योकि गुटबाजी व जमीनी स्तर पर भाजपा कमजोरी से धिरे धिरे ऊबर रही है।

5-7 दिनो में नेताओ के धुंआधार चुनावी दौरो से माहोल जोरदार जमेगा और कांटे की टक्कर के इस चुनाव में अंतिम समय तक बुथ स्तर पर जो दल मेहनत कर पायेगा उसको सफलता मिलने के आसार रहेंगे।

दोनो दलो के प्रति नाराजगी के कारण वोटो का रूख किस तरफ रहेगा यह अभी कहना मुश्किल होगा बाकी आने वाले दिनो में कौन कितनी रंगत जमाकर मतदाताओ को अपने पक्ष में कर पायेगा या नहीं …. यह राम ही जाने ?? 🤷‍♀🤷🏼‍♂