मां का साया उठा, फिर भी नहीं टूटा हौसला; BAMS में मुजफ्फरपुर में चयन, डॉक्टर बनकर ग्रामीण बच्चों को देंगी प्रेरणा

दैनिक खोज खबर/जलालपुर(सारण)।कहते हैं कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हौसला मजबूत हो और लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता कदम चूमती है। जलालपुर प्रखंड के चाईपाली गांव की बेटी पम्मी कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से इस कहावत को सच कर दिखाया है। गांव में रहकर पढ़ाई करने वाली पम्मी ने पहले ही प्रयास में NEET क्वालीफाई कर परिवार और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। मेडिकल कॉलेज की काउंसलिंग में उनका चयन मुजफ्फरपुर में BAMS पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। अब पम्मी डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं।

मां का साया छिना, लेकिन हौसला नहीं टूटा

पम्मी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। करीब तीन वर्ष पहले उनकी मां का निधन हो गया। तीन बहनों में पम्मी ने विपरीत परिस्थितियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनके पिता मनिंद्र सिंह गांव में छोटी सी दवा की दुकान चलाते हैं, जबकि उनके दादा श्री शिवकुमार सिंह पूर्व शिक्षक रहे हैं। पिता और दादा ने सीमित संसाधनों के बावजूद पम्मी की शिक्षा को प्राथमिकता दी और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

गांव में रहकर ही पढ़ाई करते हुए पम्मी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और अपने पहले प्रयास में NEET में सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए बड़े शहर में रहना जरूरी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत जरूरी है।

ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

पम्मी की सफलता सिर्फ उनके परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। गांव की गलियों से निकलकर डॉक्टर बनने की राह पर बढ़ रही पम्मी उन छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने भविष्य के बड़े सपने देखते हैं। पम्मी का सपना डॉक्टर बनकर चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा करना है। उनकी सफलता से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र के और भी बच्चे उनसे प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करेंगे।

सफलता पर बधाइयों का लगा तांता

पम्मी की सफलता की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। नवादा पंचायत के पूर्व मुखिया अशोक कुमार सिंह, वर्तमान मुखिया विष्णु प्रसाद यादव, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कुमार सिंह उर्फ पत्थल सिंह, नवादा बीडीसी प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह, राजद के प्रखंड अध्यक्ष श्री राम राय, भटकेशरी पैक्स अध्यक्ष राजन सिंह, संजय सिंह, एचएम मणीन्द्र पांडेय, शिक्षक सुनील कुशवाहा एवं शिक्षक हरिनारायण सिंह ने पम्मी के पिता एवं दादा को बधाई दी।

सभी ने पम्मी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि पम्मी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं होती। सही दिशा, कठिन परिश्रम और परिवार के सहयोग से गांव की बेटियां भी बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं।

पम्मी की सफलता का संदेश- ‘संसाधन नहीं, संकल्प जरूरी’

चाईपाली गांव से डॉक्टर बनने की राह पर बढ़ी पम्मी कुमारी की कहानी उन तमाम विद्यार्थियों के लिए संदेश है जो सुविधाओं के अभाव में अपने सपनों को छोटा समझ लेते हैं। उनकी सफलता बताती है कि मंजिल दूर हो सकती है, लेकिन मजबूत इरादों के सामने कोई रास्ता मुश्किल नहीं।