
छपरा । बिहार इप्टा राज्यस्तरीय नाट्योत्सव ‘सच का रंगमंच : रंगों और विचारों का उत्सव’ में अपनी प्रस्तुति देने के लिए छपरा इप्टा की 31 सदस्यीय टीम शुक्रवार को वैशाली एक्सप्रेस से सहरसा के लिए रवाना हुई। 2 से 4 अक्टूबर तक आर्यावर्त वैली पाठशाला, जिला परिषद परिसर, सहरसा में आयोजित इस नाट्योत्सव में छपरा इप्टा 3 अक्टूबर को पर्यावरण केंद्रित नाटक ‘द लास्ट क्राई’ प्रस्तुत करेगी।
सीपीएस के सहयोग से तैयार इस प्रस्तुति के लेखक, निर्देशक एवं रंग परिकल्पक डॉ० अमित रंजन हैं। टीम का नेतृत्व छपरा इप्टा के अध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी कर रहे हैं, जबकि सचिव शैलेन्द्र कुमार शाही संयोजक की भूमिका में हैं। किशोर एवं युवा रंगकर्मियों से सजी टीम की यह प्रस्तुति पर्यावरण संकट, प्रकृति के साथ मनुष्य के बदलते रिश्ते और धरती की पीड़ा को रंगमंच के माध्यम से सामने रखेगी।
‘द लास्ट क्राई’ में धरती की कराह, विकास की अंधी दौड़ और पर्यावरणीय विनाश के बीच उठते सवालों को संवेदनशील और प्रभावशाली रंगभाषा में प्रस्तुत किया गया है। नाटक की खासियत यह है कि इसमें बड़ी संख्या में किशोर रंगकर्मी रंगमंच पर पर्यावरण की आवाज को अभिव्यक्त करेंगे।
छपरा से रवाना हुई टीम में समृद्धि श्रेया, समर प्रताप सिंह, प्रीति कुमारी, अनुभव सिंह, शगुन सिंह, आर्यन कुमार सिंह, स्मृति गौतम, रिया शर्मा, युवराज सिंह, विराट कुमार सिंह, राजन गुप्ता, श्रेया सिंह, अश्विनी सिंह, श्रुति कुमारी, गरिमा, आदित्य कुमार गुप्ता, आकृति कुमारी वर्मा, खुशी कुमारी, आराध्या सिंह, वंशिका, आयुष कुमार मान, कृष कुमार, जितेन्द्र कुमार, रुपाली मित्रा (शिक्षिका), शिवशंकर कुमार (शिक्षक), संजय कुमार, विनय कुमार, बबुआनन्द द्विवेदी, शैलेन्द्र कुमार शाही, डॉ० अमित रंजन और सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी शामिल हैं।
सहरसा रवाना होने से पहले टीम के सदस्यों में नाट्योत्सव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। टीम का कहना है कि ‘द लास्ट क्राई’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि उस धरती की आवाज है जो लगातार बदलते पर्यावरणीय संकट के बीच इंसान से सवाल कर रही है।






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