मशरक के कोडराव गांव के रहने वाले हैं वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक हरेश कुमार

धर्मेंद्र रस्तोगी/छपरा। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में बिहार के सारण जिले का मान बढ़ाने वाली बड़ी सफलता सामने आई है। मशरक प्रखंड के कोडराव गांव निवासी और वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक हरेश कुमार के मार्गदर्शन में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत की चिकिथा तनिपार्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने दक्षिण कोरियाई टीम को शूटआउट में 20-19 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। निर्धारित मुकाबला 157-157 की बराबरी पर छूटा था, जिसके बाद शूटआउट में भारत ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस स्वर्ण पदक के साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए अपना पहला आधिकारिक कोटा भी सुनिश्चित कर लिया है।

वर्तमान में कोलकाता के साल्ट लेक स्थित खेलो इंडिया में मुख्य प्रशिक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे हरेश कुमार का ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना खेल प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनके कुशल प्रशिक्षण में भारतीय तीरंदाजों ने कंपाउंड वर्ग के विभिन्न मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर वैश्विक मंच पर देश का परचम लहराया है। इस उपलब्धि से पूरे बिहार और सारण जिले में जश्न का माहौल है।