छपरा। स्वास्थ्य विभाग के विशेष टीम द्वारा छापेमारी करते हुए लहलादपुर, मशरख, अमनौर और एकमा में 15 अवैध या यों कहें कि अनियमितता वाले अल्ट्रासाउंड को सील किया गया, जबकि कई अन्य सेंटर संचालक बंद कर फ़रार हो गए।
सारण में लहलादपुर, एकमा , अमनौर और मशरख में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए अवैध अल्ट्रा साउंड सेंटरों को सील किया गया है। रविवार के दोपहर बाद मढ़ौरा, लहलदापुर एकमा और मशरख में एक साथ स्वाथ्य विभाग के कार्रवाई से हड़कंप मच गया। मेडिकल बोर्ड की टीम छापामार दस्ता बनाकर रविवार के दोपहर बाद एकाएक सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कागजात की जांच करने लगी, अनियमितता पाए जाने पर 15 सेंटरों को सील किया गया।सील किये गये 15 अल्ट्रासाउण्ड में लहलादपुर प्रखंड के पुष्पांजलि अल्ट्रासाउंड सेंटर जनता बाजार, एकमा प्रखंड के श्री ओम अल्ट्रासाउंड, ब्लॉक रोड, सिंह डायग्नोस्टिक एंड डिजिटल एक्स रे, एकमा, मसरख प्रखंड के तिरूपति अल्ट्रासाउण्ड, प्रसाद अल्ट्रास्कैन सेंटर, डुमरसन, आस्था डाइग्नोस्टिक सेन्टर, न्यू सुरक्षा अल्ट्रासाउंड मशरख, खुशी स्कैन सेंटर, मशरख, शिवम अल्ट्रासाउण्ड, इन्द्रासन मेमोरियल हॉस्पिटल अन्तर्गत संचालित अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र जय मातादी अल्ट्रासाउंड, डुमरसन बंगरा, मशरख, मकेर प्रखंड के माँ भवानी अल्ट्रासाउण्ड, अमनौर प्रखंड के
नाज अल्ट्रासाउंड ब्लॉक रोड, अमनौर एवं मां वैष्णवी एक्स रे एण्ड अल्ट्रा साउंड हॉस्पिटल रोड, अमनौर शामिल है। जांच के क्रम में बंद पाये गये अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के विरुद्ध नोटिस निर्गत कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी और सील के बारे में जानकरी देते हुए उपाधीक्षक एसडी सिंह ने बताया की पूरे जिले में अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रा साउंड के ख़िलाफ़ शिकायत मिली थी। जिसको लेकर जिला के स्वास्थ्य पदाधिकारीयो द्वारा कार्यवाई के लिए टीम का गठन किया गया है, अनियमित पाये जाने पर सील करते हुए आगे की कार्यवाई की जाएगी। इस तरह का अभियान पूरे सारण में चलेगा। अवैध पैथोलॉजी, अवैध नर्सिंग होम और अन्य फर्जी तरह से चल रहे चिकित्सीय संस्थानों पर कार्यवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान विशेष टीम के साथ स्थानिय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, हेल्थ मैनेजर प्रखंड विकाश पदाधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब हो कि पूरे सारण जिला में अवैध रूप से नर्सिंग होम,अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा है। जिसमें दलालों के माध्यम से मरीजों को फंसा कर गलत तरीके से जांच कराकर अवैध वसूली की जाती है। जिसको लेकर कई बार कार्रवाई की बात कहीं गई थी।