-टीकाकरण के लिये टीकाकरण स्थल के रूप में पांच जगहों का चयन
-प्रथम चरण में 9487 लोगों को टीकाकृत किये जाने का है लक्ष्य

अररिया, 11 जनवरी|
जिले में कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू होगी| इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गयी है| टीकाकरण स्थल के रूप में पांच जगहों का चयन किया गया है| पहले चरण में सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थान के कर्मियों के साथ-साथ आईसीडीएस कर्मियों को टीकाकृत किये जाने का लक्ष्य निर्धारित है| टीकाकरण के लिये कोविन पोर्टल के माध्यम से चिह्नित लोगों का पूर्व में पंजीयन सुनिश्चित करा लिया गया है| टीकाकरण के लिये चरणबद्ध प्रक्रिया निर्धारित की गयी है| इसके लिये माइक्रोप्लान तैयार किया गया है| एक दिन में एक सत्र में 100 लोगों के टीकाकरण का इंतजाम होगा| इससे पहले डिजटल माध्यम से टीकाकरण के चिह्नित लाभुक को 14 से 15 जनवरी के बीच इस संबंध में संदेश प्रेषित किया जायेगा| इसमें टीकाकरण स्थल, समय व तिथि का उल्लेख होगा| सत्र स्थल पर टीकाकरण के लिये पहुंचने वाले लाभुकों का अभिवादन किया जायेगा| सत्र स्थल की साज-सज्जा की जायेगी| टीकाकरण के उपरांत लाभुकों को 30 मिनट तक मेडिकल सुपरवीजन टीम की निगरानी में रखा जायेगा|
टीकाकरण के लिये जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों का चयन:
जिले में कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू हो रही है| इसके लिये जिले में पांच स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है| इसमें सदर अस्पताल अररिया, अनुमंडल अस्पता फारबिसगंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतगंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा व मोहनी देवी चैरीटेबल ट्रस्ट अररिया का नाम शामिल है| जहां टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जाना है| सभी सत्र स्थल पर टीकाकरण को लेकर सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा|
टीका के रख-रखाव का होगा खास प्रबंध:
कोरोना के टीका को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाना है| इस संबंध में जानकारी देते हुए डीपीएम स्वास्थ्य रेहान असरफ ने बताया कि टीका के रखरखाव को लेकर लॉजिस्टिक सिस्टम को दुरूस्त किया गया है| स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में इसकी समुचित समीक्षा की गयी है| इसके लिये कोल्ड चेन से लेकर वैक्सीनेशन के सत्र स्थल पर इसके रखरखाव को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किये गये हैं| टीका का रख-रखाव संवेदनशील मसला है| वरीय अधिकारियों की टीम इसके रख-रखाव संबंधी इंतजाम का लगातार निगरानी व निरीक्षण करेगी |
टीकाकरण स्थल पर होगी विशेष व्यवस्था एवं टीकाकरण दल का होगा गठन :
कोविड टीकाकरण के लिए सत्र स्थल पर विशेष व्यवस्था रहेगी| सत्र स्थल पर टीकाकरण के लिए तीन कक्ष बनाए जाएंगे| प्रथम कक्ष लाभार्थियों हेतु वेटिंग एरिया के लिए, दूसरा कक्ष टीकाकरण के लिए और तीसरा कक्ष टीकाकरण के पश्चात 30 मिनट तक लाभार्थियों की निगरानी के लिए उपलब्ध रहेगा| सभी सत्र स्थल पर लाभार्थियों के लिए पर्याप्त मात्रा में बेड, कुर्सी या बेंच इत्यादि उपलब्ध होंगे| एक दिन में एक टीकाकरण स्थल पर केवल 100 लाभार्थियों को ही टीका लगाया जाएगा| प्रत्येक 100 लाभार्थियों के लिए 1 टीकाकरण दल का गठन किया जाएगा| टीकाकरण दल में भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा के लिए एक सुरक्षाकर्मी, लाभार्थियों को सत्यापित करने के लिए सत्यापनकर्ता, टीकाकरण के लिए टीकाकर्मी, टीकाकर्मी को सहयोग देने व टीकाकरण के पश्चात 30 मिनट तक लाभार्थी के अवलोकन करने के लिए दो उत्प्रेरक उपलब्ध रहेंगे| सत्यापनकर्ता के रूप में दक्ष डाटा ऑपरेटर को बहाल किया जाएगा टीकाकरण दल को टीकाकरण से पूर्व पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा
बायोवेस्ट मैनेजमेंट का होगा इंतजाम:
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम रेहान असरफ ने बताया कि टीकाकरण के लिये चिह्नित सभी स्थलों पर टीकाकरण के उपरांत बायोवेस्ट मैनेजमेंट का उन्नत प्रबंध किया जायेगा| सभी टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण के उपरांत अपशिष्टों के भंडारण के लिये कलर कोडेड बैग्स पर्याप्त मात्र में उपलब्ध होंगे| इन थैलियों के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को कोल्ड चेन प्वाइंट तक लाया जायेगा| वहां से संबंधित जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केंद्र इसके निस्तारण के लिये भेज दिया जायेगा|
कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित:
जिले में शुरू हो रहे कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ रूपनारायण कुमार ने कहा कि कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है| निर्धारित कई प्रमाणित प्रक्रियाओं से गुजरने के उपरांत इसे स्वीकृति दी गयी है| जो मानव स्वास्थ्य के लिये न सिर्फ पूरी तरह सुरक्षित है बल्कि कोरोना सहित कई अन्य बीमारियों से बचाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है| कोरोना का वैक्सीन चरणबद्ध तरीके से सभी लोगों को उपलब्ध कराया जायेगा|




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