मैं बेगूसराय का बेटा हूँ अभियान मानवीय चेतना की कसौटी पर उतरा खड़ा


पटना(अनूप नारायण सिंह): साहेबपुर कमाल के पचवीर बाजार में दो ऐसे परिवार को सेवा देने का मौका मिला जिससे मानवीय चेतना को उतरिष्टता प्रदान करने जैसा कहा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के अतुल कुमार और सोनू दोनो साहेबपुर कमाल के पचवीर में गोलगप्पा बेचने का काम करते थे। लॉक डाउन के चलते इनका काम बंद हो गया था। जदयू के अध्यक्ष शम्भू शरण कर्मशील जी को जब पता चला तो वे मदद करने पहुँच गए।इस खबर को जान कर मैं स्वयं पहुँचा खबर और भोजन समाग्री , एवं मास्क भी उसे दिया।
तीसरा व्यक्ति अरविंद सोनी जो गौगरी जमालपुर के यहाँ रहकर फेरी का काम करते थे इनके साथ भी यही समस्या थी।उन्हें भी मदद पहुँचा दी गई।

वही एक महिला जिसका पति प्रदेश में है और लॉक डाउन के कारणों से फ़सा हुआ है।हम उन्हें भी मदद पहुँचा दिए हैं।इसके अलावा दर्जनों ऐसे परिवार जिन्हें बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है उन्हें भी मदद की गई हैं।यहाँ यह भी विदित हो कि ऐसे बहुत परिवार आज मिले हैं जिन्हें राशन कार्ड नही बना हुआ है।
अभियान के संयोजक भूमि पाल राय कहते हैं कि अपने सभी दानदाताओं के आभारी है जो मैं बेगूसराय का बेटा हूँ अभियान को खादय सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं।आज बेगूसराय में बहुत ऐसे सामाजिक,राजनीतिक संग़ठन से जुड़े लोग हैं जो मानवता के इस कठिन घड़ी में लगे हुए हैं। पूर्णा संकट काल में बेगूसराय के बेटा अभियान की शुरुआत जिला जदयू अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी भूमिपाल राय और समाजसेवी रजनीकांत पाठक ने प्रारंभ किया है जो अब लोगों के लिए अनुकरणीय बन चुका है