
दिग्गजों के समर्थन के बावजूद नहीं मिला अबतक सोनपुर का जिला का दर्जा
सोनपुर। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी सोनपुर को जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। हरिहर क्षेत्र सोनपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले 28 वर्षों से चल रहा शांतिपूर्ण जनआंदोलन अब अपने 29वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। समिति का गठन 9 अगस्त 1998 को किया गया था। क्रांति दिवस के अवसर पर समिति के संयोजक अधिवक्ता विश्वनाथ सिंह, सह-संयोजक अवध किशोर शर्मा एवं पत्रकार संजीत कुमार ने कहा कि सोनपुर को पूर्ण जिला का दर्जा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
समिति का कहना है कि सोनपुर जिला बनने के लिए सभी आवश्यक भौगोलिक, प्रशासनिक, धार्मिक और आर्थिक आधार रखता है। यहां अनुमंडल अस्पताल, महाविद्यालय, निबंधन कार्यालय, व्यवहार न्यायालय तथा सोनपुर रेल मंडल कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं पहले से मौजूद हैं। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंक एवं वित्तीय संस्थान भी यहां कार्यरत हैं।
धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी सोनपुर का विशेष महत्व है। बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गंगा-गंडक का संगम, गजेंद्र मोक्ष धाम, ऐतिहासिक पशु मेला सोनपुर तथा आमी का अंबिका स्थान, डुमरी के कालरात्रि मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल इसकी पहचान हैं। हाल में हरिहरनाथ कॉरिडोर, सैटेलाइट शहर, सड़क एवं रोपवे जैसी प्रस्तावित विकास योजनाओं से क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और बढ़ी हैं।
सोनपुर को जिला बनाने की मांग को पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, स्व. रामसुंदर दास, पूर्व उपमुख्यमंत्री रामजयपाल सिंह यादव समेत कई नेताओं का लिखित समर्थन मिल चुका है। सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी, सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह,पूर्व विधायक डॉ रामानुज प्रसाद ने विधानसभा में माँग उठाई थी. बिहार सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह भी इस मांग का समर्थन कर चुके हैं।
वर्ष 1991 में अनुमंडल का दर्जा पाने के बाद भी सोनपुर जिला बनने की प्रतीक्षा कर रहा है। अब क्षेत्र की जनता सरकार से मांग कर रही है कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर जल्द निर्णय लेकर सोनपुर को जिला घोषित किया जाए।अगर सोनपुर के जिला बनाने में सरकार अनाकनी की तो होगा बड़ा जनआंदोलन।




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