सोनपुर। सावन की दूसरी सोमवारी पर मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए रविवार को पहलेजाघाट दक्षिणवाहिनी गंगा तट पर डाक कांवरियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पहलेजाघाट पर गंगा स्नान कर विधि-विधान से गंगाजल भरा और बाबा गरीबनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा शुरू की। देर शाम तक पहलेजाघाट से एक लाख से अधिक डाक कांवरियों के रवाना होने का अनुमान लगाया गया।
गेरुआ वस्त्र पहने कांवरियों के हाथों में कांवर और मुंह से निकल रहा ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’, ‘बाबा एक सहारा है’ का जयघोष पूरे क्षेत्र को शिवमय बना रहा था। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पहलेजाघाट से लेकर सोनपुर और हाजीपुर की ओर जाने वाले कांवरिया मार्ग पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।
डाक कांवरिया पहलेजाघाट से गंगाजल लेकर सोनपुर के नए गंडक पुल, हाजीपुर, सराय, भगवानपुर और रामदयालु होते हुए मुजफ्फरपुर की ओर रवाना हुए। कांवरियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से मार्ग में जगह-जगह आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने तथा कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी लगातार निगरानी करते रहे।
कांवरिया मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम
श्रावणी मेले और डाक कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए कांवरिया मार्ग में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए भी पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। प्रशासन की ओर से कांवरियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के साथ-साथ भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पहलेजाघाट से लेकर मुजफ्फरपुर तक कांवरियों के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा, विश्राम, प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। मार्ग में एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ प्रशासनिक एवं पुलिस टीम भी लगातार सक्रिय है।
सेवा शिविरों में समाजसेवियों ने संभाली कमान
डाक कांवरियों की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर समाजसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। शिविरों में कांवरियों को पानी, शर्बत, नींबू पानी, फल, चाय तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। कई जगह श्रद्धालुओं के बैठने और कुछ देर विश्राम करने की भी व्यवस्था की गई है।
समाजसेवी और स्वयंसेवक कांवरियों की सहायता में जुटे हुए हैं। मार्ग में थकान महसूस करने वाले कांवरियों को पानी पिलाने से लेकर प्राथमिक जरूरतों में मदद करने तक स्वयंसेवक अपनी भूमिका निभा रहे हैं। सेवा शिविरों में ‘कांवरिया की सेवा ही बाबा की सेवा है’ की भावना के साथ लोग श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं।
बोल बम के जयघोष से भक्तिमय हुआ वातावरण
रविवार को पहलेजाघाट का पूरा इलाका शिवभक्ति में डूबा रहा। गंगा स्नान और जलभरी के बाद कांवरियों ने बाबा गरीबनाथ के दरबार में जलाभिषेक का संकल्प लेकर अपनी यात्रा शुरू की। कांवरियों के जत्थे जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए, पूरा मार्ग ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा।
दूसरी सोमवारी को बाबा गरीबनाथ के जलाभिषेक के लिए निकलने वाले डाक कांवरियों में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु भी शामिल रहे। कई कांवरिया समूह में तो कई अकेले ही बाबा के दरबार की ओर रवाना हुए।
प्रशासन की ओर से कांवरियों से निर्धारित मार्ग का पालन करने, यातायात नियमों का ध्यान रखने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है। वहीं, श्रद्धालुओं में बाबा गरीबनाथ के जलाभिषेक को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। रविवार की देर रात तक पहलेजाघाट से कांवरियों के जत्थे मुजफ्फरपुर की ओर रवाना होते रहे।