डोरीगंज (सारण): लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऐतिहासिक नगरी चिरान्द स्थित तिवारी घाट पर रविवार को वृहद गंगा सफाई अभियान चलाया गया। पर्यावरण संरक्षण मिशन छपरा, चिरान्द विकास परिषद और गंगासमग्र उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया।

अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने नदी किनारे बिखरे पॉलीथीन, प्लास्टिक, मूर्तियों के अवशेष, दीपक और सड़े-गले फलों जैसी पूजन सामग्रियों को बोरों में भरकर नदी से दूर सुरक्षित स्थान पर ठिकाने लगाया।

इस मौके पर डॉ. राजीव रंजन ने गंगा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। धार्मिक आस्था के नाम पर नदी में प्लास्टिक, पॉलीथीन और पूजन सामग्री प्रवाहित करने से जल प्रदूषित होता है और जलीय जीवों पर भी बुरा असर पड़ता है।

वक्ताओं ने श्रद्धालुओं से अपील की कि पूजा के बाद बची हुई सामग्री को सीधे नदी में न डालें। जैविक कचरे का उचित निस्तारण करें और प्लास्टिक का उपयोग न्यूनतम रखें। गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

इस स्वच्छता महाअभियान में मनीष कुमार सिंह, अविनाश कुमार, प्रीतम सोनी, डॉ. राजीव रंजन, अमरेश कुमार मिश्रा, दिव्यात्मानंद जी महाराज, श्रीराम तिवारी, वीरेंद्र राय, चंदन सिंह और रविशंकर राय सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे।