छपरा: विश्व हिंदू परिषद (धर्म प्रसार) के तत्वावधान में महर्षि दधिचि आश्रम, उमानाथ मंदिर परिसर (दहियावां) में सोमवार को शरद पूर्णिमा का उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि रामकृष्ण आश्रम के सचिव स्वामी अतिदेवानंद जी महाराज ने सनातन धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य और निष्ठा के साथ अपने कर्मों का निर्वहन करना ही सच्चा धर्म है। मनुष्य जीवन मोक्ष प्राप्ति का साधन है और पूरी निष्ठा से किए गए कर्मों को भगवान को समर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रमुख अवध किशोर मिश्रा ने शरद पूर्णिमा के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से पृथ्वी पर अमृत वर्षा होती है। वक्ता राजेश्वर कुंवर ने कहा कि चांदनी रात में दूध और चावल से बनी खीर का सेवन करने से मनुष्य का शरीर स्वस्थ और निरोग रहता है।

धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित ने महर्षि दधीचि के महान त्याग और तपस्या का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने जनहित और सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया था। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महर्षि दधीचि के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में प्रोफेसर अमरनाथ प्रसाद और पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह, सचिव परशुराम राय मुखिया, उपाध्यक्ष मुकेश राय, बजरंग दल के जिला संयोजक अनुज बजरंगी, नगर संयोजक रोहन भारती, अभिषेक, अमित कुमार, आशीष भारतीय, सोनू कुमार, राजेश डाबर, मनोज सोनी, संजय शर्मा, गोकर्ण पुरोहित, राजू रंजन तिवारी और जयशंकर सिंह समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में सभी ने प्रसाद रूप में खीर ग्रहण की।