
मकेर (सारण): गंडक नदी का तटबंध टूटने से क्षेत्र में आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से हुई जान-माल की क्षति की भरपाई करना बेहद कठिन है, लेकिन सरकार और प्रशासन पीड़ितों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस संकट की घड़ी में जिला पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटनरी यूनिट (MVU-1962) ने मवेशियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
हाल ही में सारण के जिला पशुपालन पदाधिकारी ने मकेर पहुंचकर MVU की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित मिले और जीवनरक्षक दवाइयों तथा टीकों का स्टॉक भी पूरी तरह दुरुस्त पाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के 8 विभिन्न प्रखंडों से आए 8 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों को सही समय पर सही लोकेशन पर भेजने की बड़ी जिम्मेदारी सुमित कुमार और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर प्रमोद कुमार को सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों ने अपनी इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और मुस्तैदी से निभाया।
बाढ़ के दौरान जहां आम लोग अपनी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे थे, वहीं बेजुबान पशुओं की देखभाल और उनके समुचित इलाज की बड़ी चुनौती इन टीमों के कंधों पर थी। जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला समन्वयक और मकेर प्रखंड के पशु चिकित्सक के इस उत्कृष्ट समन्वय और समर्पण ने बाढ़ पीड़ित पशुपालकों को बड़ी राहत पहुंचाई है।




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