सारण:वर्सर नियुक्ति पर छात्र नेताओं ने लगाए आरोप
#संजय कुमार पांडेय
 छपरा (वि वि)   
छात्र संगठन आर एस ए के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अर्पित राज गोलू ने कहा की राजेंद्र महाविद्यालय छपरा के वर्सर पद पर जिनकी नियुक्ति की गई है वे व्यक्ति  बी बी ए घोटाला, नामांकन घोटाला का आरोपी है ।राजेन्द्र महाविद्यालय छपरा में प्रिंसिपल जो बनाया गये है  वे भी भ्रष्टाचार के आरोप में चार्जशीटेड है। वर्तमान विश्वविद्यालय प्रशासन ये ठान लिया है कि जितना ज्यादा भ्र्ष्टाचार करोगे उतना ज्यादे बड़ा पद दिया जाएगा ।महाविद्यालय में लूट की छूट है।लूटिए और कुलपति को लूट का हिस्सा दीजिये । नामांकन घोटाले में डॉक्टर लाल बाबू यादव एवं उदय अरविंद के निर्देशन में एक कमेटी बनी थी जो विश्वविद्यालय ने बनाया था उस  कमेटी ने आर के पाठक को दोषी पाया था वही इस मामले में इन पर निगरानी जांच चल रही है वही बीबीए घोटाले का उजागर जब संगठन ने किया। आंदोलन प्रारंभ किया तो कुलपति लोकेश चंद्र के कार्यकाल में सिंडिकेट सदस्य मनजीत सिंह के द्वारा सिंडिकेट की बैठक में यह मामला उठाया गया और सिंडिकेट में  ही एक कमेटी के निर्माण की गई उसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय में है जिसमें वह दोषी भी है भ्रष्टाचार में कितनी ताकत है अगर देखना है तो जयप्रकाश विश्वविद्यालय में देखा जाए जिस व्यक्ति ने पीएचडी नहीं किया है पैसा के बल पर विश्वविद्यालय प्रशासन उसे डॉक्टर लिखते हुए नोटिफिकेशन राजेंद्र महाविद्यालय के वर्सर पद पर करता है। अगर उस व्यक्ति के पास पीएचडी की डिग्री है या विश्वविद्यालय प्रशासन के पास उनकी डिग्री की छायाप्रति भी हो तो दिखलाएं संगठन इस विश्वविद्यालय में अगले ही दिन से छात्र राजनीति छोड़ देगी।
संगठन इन सारे मामले को महामहिम कुलाधिपति के पास तथ्य के साथ रखेगा कुलपति भ्रष्टाचार का तांडव नृत्य कर रहे हैं छात्रों का कोई कार्य नहीं हो रहा है कुलपति झूठ-मूठ का अपने आप को ईमानदार कहते हैं लेकिन उनका क्रियाकलाप सरा भ्रष्टाचार की ओर होता है कुलपति विश्वविद्यालय महाविद्यालय को लूटने के लिए बेचैन और व्याकुल है जिसे संगठन कभी होने नहीं देगी ।उक्त बातें अर्पित राज गोलू ने जनादेश एक्सप्रेस से वार्ता के क्रम में कही