सरयू नदी में नाव पलटने से डूबकर एक मरा

✍️परवेज अख्तर/सिवान;

सिवान सरयू नदी के गभीरार घाट के सामने एक मछुआरे की मौत दोपहर में सरयू (घघरा) नदी में डूबने से हो गयी। मछुआरा अपने अन्य चार सहयोगियों के साथ मछली मारने के लिए नाव से नदी के अंदर गया था। नाव छोटी होने के कारण नदी की तेज और क्षमता से अधिक भार होने के कारण पलट गई। नाव में गभीरार बिनटोला के सकल बिन, मुन्ना बिन, चंद्रमा बिन व रितेश बिन और यूपी के बांसडीह के जयनगर गांव के मुनीब बिन सवार थे। नाव पलटते ही सभी डूबने लगे। चार तो किसी तरह नदी तैरकर बाहर निकल गए, लेकिन मुनीब बिन नदी में डूब गया। मुनीब की उम्र करीब 45 वर्ष बतायी जा रही है। मुनीब बिन गभिरार बिनटोला निवासी छठू बिन का बड़ा दमाद था। जो गभीरार अपने ससुराल में ही रहता है। छठू बिन के पड़ोसी सकल बिन, मुन्ना बिन, चंद्रमा बिन व रितेश बिन ने मुनीब बिन के साथ प्लान बनाकर छोटी (डेंगी) नाव से ही सरयू नदी में मछली मारने का फैसला लिया। लेकिन, उनका यह फैसला गलत साबित हुआ।

गभीरार बिनटोला में दामाद के मौत पर मातम-

गभीरार बिनटोला में मुनीब बिन की मौत की खबर के बाद मातम छा गया है। दामाद की मौत से छठू बिन का परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। 4 लड़कियों के पिता छठू बिन की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। चारों बेटियों शादी की शादी कर चुके छठू बिन इस हादसे से काफी आहत है। बड़ी बेटी लालमती देवी का भी पति के मरने की खबर से रो-रोकर बुरा हाल है। मुनीब बिन को दो लड़के और दो लड़कियां हैं। बड़ी बेटी गभीरार में ही अपने पिता के यहां ही रहती है। जबकि मुनीब बिन यहां पर मछली का व्यवसाय करता था। मुनीब बिन की दोनों लड़कियां शादी के योग्य हो गई हैं। इसे लेकर मां लालमती को और भी दुख बढ़ गया है। रोते हुए छठू बिन ने बताया कि मुनीब बिन का शव नदी के निकाले जाने के बाद चारों बच्चे और लालमती अपने पड़ोसियों के साथ बांसडीह के जयनगर अपने घर चले गए हैं।