यज्ञ से भूमि और मंत्रो से आत्मा की होती है शुद्धि, हवन के साथ सम्पन्न हुआ पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञसंजीव कुमार/मढ़ौरा(सारण):
नगर के चीनी मिल कैम्पस में शुरू हुये पांच दिवसीय गायत्री यज्ञ बुधवार को हवन के साथ समाप्त हो गया । अंतिम दिन के हवन में काफी संख्या में श्रद्धालु जमा हुये और हवन में भागिदार बने । यज्ञ के संचालन और विधिवत सम्पन्न कराने के लिये हरिद्वार से पहुचे विद्वान विवेकानंद जी महाराज ने बताया कि यज्ञ से संंबंधित भूमि पवित्र होती है तो यज्ञ के हवन से व्यक्ति का मन, आत्मा शुद्ध होता है । विवेकानंद जी ने कहा कि सनातन संस्कृति में यज्ञ पौराणिक परम्परा रही है । इतिहास गवाह है सिद्ध ऋषि मुनि और राजपुत्रों ने यज्ञ से बड़ी शक्तियां प्राप्त की है वही समाज कल्याण और समाज की शांति,समृद्धि को भी प्राप्त किया है । यज्ञ पर्यावरण संरक्षण और शुद्धिकरण का भी साधन है । यज्ञ से पर्यावरण से धटकों के बीच नियंत्रण बना रहता है जो सभी जीव जन्तुओ के लिये कल्याण का कारण होता है ।

इस दौरान विवेकानन्द जी ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से मानव हीत के लिये कार्य करने और मानवता के लिये प्रेरित किया । संत ने कहा कि संसार में दुसरे लोगों की चिंता और सेवा करने वाले लोगों को ईश्वर की कृपा मिलती है । ऐसा करने वाले व्यक्ति को स्वयं के साथ उनके परिजनों को भी यश प्राप्त होता है । यज्ञ के अंतिम दिन हवन प्रक्रिया को सम्पन्न कराने मे शिवजी प्रसाद, दयानंद तिवारी, मुखियां विरेन्द्र प्रसाद यादव, जेपी सिंह, सुरेन्द्र सिंह, जितेन्द्र प्रसाद यादव, मनोज कुमार, धनंजय कुमार, डा वोजय शर्मा , धीरज कुमार , नागेन्द्र मोहन तिवारी, राकेश कुमार, डा कर्ण सिंह सहित अन्य स्वयं भाग लिया और सक्रिय सहयोग किया ।