‌‌‌मुशहरी में गोदभराई दिवस पर पोषण परामर्श केंद्र का उद्घाटन 

  • जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने किया शुभारंभ 
  • कुपोषण छोड़, पोषण की ओर थामे स्थानीय भोजन की डोर 

मुजफ्फरपुर। 7 सितंबर 
पोषण माह के अवसर पर मंगलवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय, मुशहरी सदर में गोदभराई सह पोषण परामर्श केंद्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी प्रणव कुमार के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी महोदय के द्वारा  गुब्बारा उड़ाकर किया गया साथ ही पोषण शपथ कराया गया। 
इस मौके पर जिलाधिकारी द्वारा चार गर्भवती महिलाओं इंदु देवी, सोनी कुमारी, जूही कुमारी, अंशु कुमारी, की गोदभराई की गयी। गोदभराई के साथ ही मुशहरी सदर में डीपीआरओ, आइसीडीएस डीपीओ तथा जिलाधिकारी के द्वारा पोषण परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया गया। मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि सुपोषित बच्चे ही समृद्ध राष्ट्र की पहचान है तथा बच्चे के गर्भ में आने के साथ ही बच्चो एवं माता के खान पान ,पोषण ,स्वास्थ्य इत्यादि पर सभी गर्भवती माताओं के घरवाले एवं माता सभी आंगनवाड़ी सेविका ,सहायिका ,आशा, एएनएम के द्वारा उचित परामर्श एवं सरकारी योजना का लाभ उठाने हेतु निर्देश दिया गया। “कुपोषण छोड़, पोषण की ओर थामे स्थानीय भोजन की डोर”, इन बातो को अपनाने की बात कही गई। पोषण परामर्श केंद्र पर आईसीडीएस द्वारा दिए जाने वाले सभी लाभ एवं पौष्टिक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थो के बारे में बताया गया।  साथ ही 3-6 वर्ष के बच्चों को दी जाने वाली व्हीटामिक्स की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी गयी। प्रसव पूर्व तैयारी, पोषण पोटली, चार बार एएनसी जांच, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का पंजीकरण एवं लाभुकों को प्रदान कि जाने वाली राशि के बारे में जानकारी दी गई। पोषण माह अन्तर्गत प्रधानमंत्री मत्री वंदना सप्ताह 1-7 सितंबर का समापन भी इस कार्यक्रम के दौरान किया गया ।
पोषण माह में चार विषयों पर फैलायी जाएगी जन जागरुकता
इस पोषण माह में मुख्य रूप से चार विषयो के बारे में जन जागरूकता का कार्य किया जाना है। जिसमें पोषण वाटिका लगाने हेतु जागरूकता अभियान, योगा और आयुष (गर्भवती, बच्चे, किशोरी),पोषण किट का वितरण पोषण संदेश के साथ, अतिकुपोषित बच्चो की पहचान कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाना है। इस पोषण माह पर  बच्चो को माँ का दूध दिया जाए ,बोतल से दूध नहीं पिलाया जाए इसके लिए जन जागरूकता भी किया जाना है। पोषण माह का उद्देश्य घर घर तक सही पोषण एवं उचित परामर्श को जन व्यापी आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने का निर्देश दिया गया एवं प्रति वर्ष बौनापन में 2 प्रतिशत ,एवं एनीमिया में 3 प्रतिशत की कमी लाने के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया गया । कार्यक्रम का समापन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मुशहरी सदर द्वारा  धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ,आई.सी. डी. एस. श्रीमती चांदनी सिंह ,जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्री कमल कुमार ,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मुशहरी सदर, श्रीमती नीतू सिंह, जिला समन्वयक सुश्री सुषमा सुमन, राष्ट्रीय पोषण मिशन, प्रखंड समन्वयक दर्शना ,प्रखंड परियोजना सहायक कोमल कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका , मुशहरी सदर की सेविका सहायिका एवं अन्य लोग उपस्थित थे।