माँ यूथ ऑर्गेनाईजेशन एवं फेस ऑफ फ्यूचर इंडिया के तत्वाधान में जलालपुर में आयोजित होगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
दैनिक खोज खबर, छपरा
रक्तदान जीवनदान है। इसी के मद्देनजर माँ यूथ ऑर्गेनाईजेशन, जलालपुर के द्वारा फेस ऑफ फ्यूचर इंडिया के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जलालपुर में 17 नवम्बर को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

संगठन की सचिव जया सोनल ने बताया कि रक्तदान के महत्व का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि रक्त देने से जरूरत मंद लोगों को जीवन दान मिलता है, बल्कि रक्तदाता को स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि आइये मिल कर इस अभियान को आगे बढ़ाते है और जरुरत मंद लोगो की सहायता करते है।

संगठन के अध्यक्ष शशि सिंह ने बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 68 वर्ष के बीच हो, जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो, रक्तदान कर सकता है। स्तनपान कराने वाली महिला एवं कैंसर रोग से पीड़ित व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकते है।
फेस ऑफ फ्यूचर इंडिया के मंटू यादव ने बताया कि रक्तदान से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदय आघात से दूर रखता है।
संगठन के सदस्य एवं ITBP में कार्यरत सत्येन्द्र राय ने बताया कि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
संगठन के सदस्य अमन सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल में ही रक्तदान किया है। चार माह के अंतराल पर ही रक्तदान किया जा सकता है।

संगठन के सदस्य अमित प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके द्वारा हमेशा रक्तदान किया जाता है। बहुत से ऐसे लोग होते है जो सोचते है कि रक्तदान करने से उनके शरीर को खतरा हो जाता है या फिर उनमे कमजोरी आ जाती है। कुछ तो ये सोचते है कि रक्तदान के बाद उनके खुद के खून को बनने में कई साल लग जाते है किन्तु ऐसा कुछ नही होता क्योकि रक्तदान एक सुरक्षित और स्वस्थ परंपरा है और जहाँ तक खून के दुबारा बनने की बात है तो उसे शरीर मात्रा 21 दिनों के अंदर दोबारा बना लेता है। साथ ही खून के वॉल्यूम को शरीर सिर्फ 24 से 72 घंटो में ही पूरा कर लेता है। तो रक्तदान से पहले अपने मन से हर तरह की शंका को जरुर दूर कर लें और इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 17 नवम्बर को रक्तदान करके पुण्य के भागी बनें।