भीलवाड़ा: 2 लाख 35 हजार 653 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
7 हजार 578 बच्चों की गंभीर बीमारियां चिंहित
आज़ाद नेब
भीलवाड़ा, 28 अप्रेल। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत भीलवाड़ा जिले में 13 जुलाई 2016 से 31 मार्च 2017 तक 2 लाख 35 हजार 653 विद्यालयी छात्रा-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 7 हजार 578 बच्चों की 30 गंभीर बीमारियों को चिंहित किया गया। जिले में 1627 आंगनबाड़ी केन्द्र, 2208 सरकारी विद्यालय एवं 33 मदरसे में नामांकित कुल 2 लाख 35 हजार 653 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण मोबाईल हेल्थ टीम द्वारा किया गया।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतेन्द्र पुरी गोस्वामी ने बताया कि जिले में कार्यरत्् 16 मोबाईल हेल्थ टीम के माध्यम से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आर.बी.एस.के. कार्यक्रम अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द, सरकारी विद्यालय एवं मदरसे में नामांकित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। स्वास्थ्य परीक्षण अन्तर्गत 4 प्रकार के विकार यथा – जन्मजात विकृति, कुपोषण शारीरिक विकास एवं अपंगता तथा 30 प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को मोबाईल हेल्थ टीम द्वारा प्राथमिक उपचार कर रेफर किया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को चिंहित बच्चों को आमंत्रित कर आवश्यक उपचार किया जाता है। जिला चिकित्सालय पर चिन्हित बच्चों को उच्च व विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों को रेफर किया जाता है। मोबाईल हेल्थ टीम द्वारा भी समस्त प्रकार की चिकित्सा सुविधाऐं उपलब्ध करवाई जाती है। डीलेवरी पोईन्ट के मोबाईल ऑफिसर एवं स्टाफ नर्सेज को आरबीएसके में विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जा चुका है।
आर.बी.एस.के. कार्यक्रम के तहत जिले में हुई अब तक की प्रगति की राज्य स्तर से आये प्रतिनिधियों सुनिता शर्मा एवं डॉ. गोपाल यादव द्वारा भी सराहना की गई। आरबीएसके की अतिरिक्त नोडल अधिकारी डॉ. सोनिया छाबड़ा, सहायक नोडल अधिकारी मीनाक्षी कल्वार के प्रयासों से योजना के तहत अतिगंभीर कई बच्चों का नारायणा ह्दयालय एवं अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में सफल ईलाज संभव हो पाया है।




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