बेतिया – गौनाहा:– *अवैध ढंग से चल रहे नर्सिंग होम पर होगी कार्यवाई – चिकित्सा पदाधिकारी*

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अवैध रूप से संचालित झोलाछाप डॉक्टरों एवं नर्सिंग होम संचालकों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी एक पत्र के माध्यम से सभी प्रखंड पीएचसी प्रभारियों को दिया है ।

उसके बाद भी रेफरल अस्पताल गौनाहा से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर एक झोलाछाप चिकित्सक अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है । इतना ही नहीं बेखौफ ढंग से छोटा बडा सभी ऑपरेशन भी करता है ।
वही दलालो के माध्यम से झोपडीनुमा नर्सिग होम में पहुची गरीब महिलाऐ का झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा रूपये पैसे के साथ साथ जान भी जोखिम में डाल आपरेशन कर रहा है डॉक्टर ।
लेकिन अस्पताल के चिकित्सक व स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं । ये काम प्रखंड मुख्यालय से गौनाहा थाना क्षेत्र के पीएचसी गौनाहा से महज पांच सौ मीटर दुर उमेश साह के मकान एक झोपडीनुमा नर्सिंग होम में हो रहा है ।
वही मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है । ना हीं हम लोग के पास इतना रुपया है कि बाहर जाकर अपना या अपने परिजनों का ऑपरेशन करा सके इसलिए जिंदगी दांव पर लगा झोलाछाप डाॅक्टर से ऑपरेशन कराते हैं ।यह जानते हुए कि इनके पास कोई डिग्री नहीं है ।
राजद प्रखंड अध्यक्ष का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टर के वजह से गरीबों की मौत आने से पहले ही मौत हो जाती है ।
गौनाहा में इलाज के लिए रेफरल अस्पताल बनाया गया लेकिन कोई डॉक्टर समय पर हॉस्पिटल में नहीं मिलते । इसके अलावा एक भी महिला चिकित्सक कार्यरत नहीं हैं यहां ।
आज भी अनेको सरकारी चिकित्सक अपना-अपना निजी क्लिनिक खोल नरकटियागंज व बेतिया में चला रहें है । यहां इनकी पद रिक्त है जिसके कारण सही सेवा मरीजों को नहीं मिल पाती ।
सिर्फ नाम का यहाँ इतना बड़ा अस्पताल बनकर तैयार है लेकिन यहां की गरीब जनता बेमौत मर रहे हैं या दलालो के झासे में आकर मोटा रकम देकर झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करा रहे है ।
इतनी बड़ी रेफरल अस्पताल बनकर तैयार हो गई मगर यहां की जनता को इससे उतना लाभ नहीं मिल सका जितनी अपेक्षा जनता कर रही थी ।
वही चिकित्सक डॉक्टर एम कमरुज्जमा का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा मरीजों को झोलाछाप चिकित्सक के पास पहुंचाया जाता हैं। यहां नशे की सुई देकर पहले बेहोश किया जाता है और बाद में मरीज की हालत गंभीर बताकर मोटी रकम वसुली जाती है । जिसमें मरीज पहुंचाने की कमीशन के रूप में 1500 व 2000 रुपये झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा आशा कार्यकर्ता को दिया जाता है ।
इधर चिकित्सा प्रभारी श्री अवधेश प्रसाद सिंह का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों व बिना पंजीकृत कराये संचालित नर्सिंग होम को चिन्हित किया जा रहा है फर्जी तरीके से संचालित नर्सिंग होम व झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।




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