प्रशासन को धमकी, दुष्प्रचार एवं अशांति फैलाने के खिलाफ विधायक पर मामला दर्ज

◆प्रशासन के खिलाफ असंसदीय-असामाजिक शब्द बोलने पर और धमकी देने का मामला गोरेयाकोठी में ◆हाईकोर्ट के आदेश पर 4 नवंबर को प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण
परवेज अख्तर/ सीवान. हाईकोर्ट के आदेश संख्या 17749/2019 को अमली जामा पहनाते हुए जिला प्रशासन द्वारा गोरेयाकोठी में 4 नवंबर को हटाए गए अतिक्रमण के खिलाफ बोलने, प्रशासन को धमकी देने, अशांति फैलाने की कोशिश करने और प्रशासनिक आदेश की अवहेलना करने के जुर्म में गोरेयाकोठी के विधायक सत्यदेव सिंह के विरूद्ध अंचलाधिकारी गोरेयाकोठी की संतुति पत्रांक 1017/15-19 के आलोक में गोरेयाकोठी थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है. यह कार्रवाई 15 नवंबर को हुई है. विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 189, 291, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जिसका केस नंबर 198/19 है.
उल्लेखनीय है कि 70 सालों से अतिक्रमण करके गैर मजरूआ जमीन खाता संख्या 427, खसरा संख्या- 2196 पर अवैध कब्जा करके दर्जन भर से ज्यादा दुकानें चलाई जा रही थीं. यह मामला हाइकोर्ट में वर्षों तक चला. हाल ही में न्यायालय ने इन दुकानों को हटाकर जमीन बिहार सरकार सौंपने का आदेश जिला प्रशासन को दिया था. इस आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने 4 नवंबर को अहले सुबह सभी अतिक्रमण को हटा दिया. अतिक्रमण हटने के बाद रोजाना हजारों का कारोबार करने वाले दुकानदार धरने पर बैठ गए. इस धरने को लेकर राजनीति की दुकानें सजने लगीं. स्थानीय विधायक दो बार धरना स्थल पर सभा किए और हर बार न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई के लिए प्रशासन को दोषी ठहराते हुए धमकी दिए, लोगों को उकसाया, शांति भंग करने की कोशिश की और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट होता रहा. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और अंचलाधिकारी ने थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की जिस पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष ने विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इधर विधायक सत्यदेव सिंह ने आरोप को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा गरीबों की आवाज उठायी जा रही है. जिसे प्रशासन दबाना चाहती है.
थानाध्यक्ष रविकांत दूबे ने बताया कि अंचलाधिकारी के आवेदन पर विधायक के खिलाफ अशांति फैलाने, प्रशासन को धमकी देने, लोगों को प्रशासन के खिलाफ उकसाने, जानबूझकर अपमान करने और प्रशासनिक आदेश की अवज्ञा करने के अपराध में विभिन्न् आईपीसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. इस मामले की जांच के लिए एएसआई लालबाबू प्रसाद यादव को निरीक्षक नियुक्त किया गया है. इस मामले में अंचलाधिकारी द्वारा एक सीडी भी उपलब्ध कराई गई है.