नए निजामत शहरे-दिघवारा का मुकद्दर सँवर जाए
💠 देहात की सहूलियत से महरूम है नप
🚺 पेयजल,सफाई, स्वास्थ्य आदि सुविधाएं बदइंतजामी का शिकार
🎩राणा परमार अखिलेश 🐆
🐵’कहाँ तो तय था चिरागां हरेक घर के लिए /यहाँ तो रौशनी नहीं है शहर के लिए ।’ग़ज़लगो शमशेर बहादुर सिंह के उक्त असयार कमोबेश हर शहर व मुहल्ले का दर्दे-हकीकत है । बहरहाल,नए निजामत में शहरे-दिघवारा रिविलगंज, मढौरा,परसा के मुकद्दर सँवर जाने की उम्मीद की जा सकती है ।

प्रकाश व्यवस्था की खानापूर्ति:नगर पंचायत दिघवारा में विधान पार्षद रामचंद्र प्रसाद व नगरनिधि से लगे सोलर स्ट्रीट लाइट अब एक भी नहीं हैं। इस संबंध में आरटीआई से मांगी गई जानकारी भाजपा नेता सुदर्शन ठाकुर को नहीं मिल पायी। बहरहाल,राज्य सूचना आयोग ने उन्हे कोर्ट जाने को आजाद कर दिया है और मामला हाईकोर्ट में स्वीकृति के लिए लंबित है।
पेयजलापूर्ति नहीं होती है नल द्वारा: तापमान में वृद्धि के साथ गंगा तटीय क्षेत्रों में जलस्तर नीचे लुढ़क जाता है। तमाम हैंडपंप खराब पड़े हैं । पंचायतों में पाइप से जलापूर्ति हो रही मगर? नगर वंचित है। राजद विधायक ने पूर्व विधायक की वादा खिलाफी के मुद्दे पर शानदार जीत दर्ज करायी। मगर,पहल नहीं हुए । अपुष्ट खबरों के मुताबिक करीब 18लाख रूपए विकास मद में हैं। मगर काम नहीं हुए ।
स्वच्छता अभियान फेल:दिघवारा रेल पटरियों एन एच व फोरलेन पर सुबह शाम शौचार्थियों को कतार बद्ध देखा जा सकता है । रेल पुलिस द्वारा निगरानी पर रेल पटरियां आंशिक रूप से वंचित है, गंदगी से । सफाई व्यवस्था नाममात्र की है । 18बार्ड पर सफाई कर्मियों को संख्या 9 है ।टैक्टर ट्राली खरीदे जा चुके है, नगर कार्यालय के सामने खडे है।
खाद बीज आपदा सहायता नहीं: नगर क्षेत्र के लिए सब्सिडाइज उर्वरक बीज सूखा राहत बाढ राहत नहीं मिलता । 2016में बाढ राहत की मांग करने वाले वाले153 लोगों पर मामला दर्ज है।
वित्तीय अनियमितता के लिए कुख्यात है नप दिघवारा :वर्ष 2007-8 कुख्यात रहा दिघवारा नगर पंचायत ।मुख्य पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी सहित कर्मचारी व 13पार्षदों के विरु4,लाख 87 हजार 622रूपये का गबन व वित्तीय अनियमितता विधान परिषद तक पहुंच गई । जिलाधिकारी के पत्रा4375दिनांक 1दिसंबर06द्वारा गठित जांच समिति के प्रतिवेदन पर दिघवारा थाना कांड संख्या 103/06एवं 28/07 धारा403,420,467,468,477,120बी/34 के तहत तत्कालीन मुख्य पार्षद पुरुषोत्तम महाराज, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी व वर्तमान जिला अभियंता दीनानाथ दत्ता, कनीय अभियंता परमात्मा तिवारी योजना अभिकर्ता कृष्ण मूर्ति प्रसाद व लालबावू श्रीवास्तव निरुद्ध हुए । मामला कोर्ट में लंबित है । अभियुक्त गण जमानत पर हैं। उपमुख्य पार्षद सुरेंद्र राम की मां वर्तमान मुख्य पार्षद है।नगरवासी उम्मीद कर रहे है नए विकास के प्रकाश की।





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