परवेज अख्तर/सिवान;
दरौंदा. प्रखंड के सिरसाव मठिया, पिपरा मठिया, दरौंदा, हड़सर, हाथोपुर, भूसी के अलावे दर्जनों गांव के किसान विगत चार महीने से जलजमाव की स्थिति से काफी परेशान है. खेतों में जलजमाव की समस्या से वे न तो खरीफ फसल की बुवाई कर पाते हैं और न ही लगाई गई धान की फसल को सही तरीके से कटनी. समस्या यह है कि आज दर्जनों गांव के किसान हलकान हैं. रविवार को एकत्रित हुए सैकड़ों किसानों ने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी समस्या से अवगत कराया. बतादें कि खेतों से पानी निकासी न होने के कारण पूर्व मे लगाए गए फसल बर्बाद हो रहे हैं. इधर जलजमाव की स्थिति से दर्जनों किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को कई बार अवगत करा चुके हैं. मगर इन किसानों का शुद्ध तक लेने वाला कोई अधिकारी नहीं आता. जिसके कारण दरौंदा के दर्जनों किसानों का जीवन पटरी पर नहीं है. अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि जलजमाव को हटाने की दिशा में कोई पहल कर रहे हैं. जिसके फलस्वरूप ग्रामीणों में कई संक्रामक बीमारियां लग चुकी हैं. चाहे वह बच्चा हो या बूढ़ा. त्वचा से सम्बंधित बीमारी सब को परेशान कर रखी है. बावजूद इसके अधिकारी इनकी समस्या को लेकर संज्ञान लेने को तैयार नहीं है. गांव के ही किसान कालीचरण साह ने बताया कि दरौंदा के कई ऐसे गांव हैं जहां पर उत्पन्न हुई जलजमाव की स्थिति कभी भी महामारी का रूप ले सकती हैं. वहीं दूसरी तरफ शहरों में तेजी से फैल रहे डेंगू की बीमारी से भी लोगों में काफी डर बना हुआ है. किसानों ने बताया कि कुछ माह पूर्व एत सप्ताह तक हुई लगातार बरसात में पूरा इलाका जलमग्न हो गया था. तब से लेकर अब तक निचले इलाके में उत्पन्न हुई जलजमाव की स्थिति अब तक बरकरार है. गौरतलब हो कि इससे पहले दरौंदा की जल निकासी प्रांजल गैस एजेंसी एनएच के समीप स्थित पुलिया से हो जाती थी. मगर एनएच निर्माण कार्य के समय कुछ लोगों के द्वारा पैसे देकर पुलिया को बंद कर दिया गया. अब इस पुलिया को बंद किए जाने से पूरे मोहल्ले में जलजमाव स्थाई हो गया है. मदद नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. इस मौके पर रामदयाल प्रसाद, धर्मेंद्र साह, रामनाथ साह, पशुराम भारती, शेषनाथ भारती, महेश साह, गुड्डू साह, भीखदेव साह, गोविंदा कुमार आदि मौजूद रहे
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