डोरीगंज(Chapra)।शहर से सटे प्रखंड के रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय सह आश्रम में शनिवार को संतो और श्रृद्धालुओं ने सत्तु के भंडारा में शामिल होकर प्रसाद प्राप्त किया ।बिहार के विभिन्न जिला सहित यूपी, एमपी, झारखण्ड, बंगाल के कई जिले से पहुंचे आश्रम के स्वामी एवं श्रधालुओं ने सत्तू का प्रसाद प्राप्त किया । इसके पूर्व श्रधालुओं ने आश्रम के गुरु स्वामी सत्यानन्द जी महाराज का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया । इस दौरान बोलते हुए स्वामी सत्यानन्द जी महाराज ने कहा कि जिन्हें सच्चें मन में ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा होती है उसे गुरू आवश्य मिलते है । जिस भी व्यक्ति को गुरु मिल जाता है फिर संसार में वह पूर्ण हो जाता है । एक गुरु ही आत्म ज्ञान और मुक्ति के सवाल पर परम सत्य को सामने लाता है जहा से ज्ञान और मुक्ति के मार्ग खुलते है।

सत्तू के भंडारे कारण लेकर सत्यानन्द जी महाराज ने कहा कि बैशाख महीने में भोजन में सत्तू का विशेष महत्व है । इसे बनाना और पकाना नही पड़ता । यह कम समय में तैयार हो जाता है तथा सुपाच्य व पोषक युक्त होता है । कहा की संतो का यह प्रिय भोजन रहा है जिसे वे कही भी कभी भी सेवन कर सकते है ।अपने स्थापक स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज को याद करते हुए कहा कि ज्ञान की खोज में श्याम स्वामी जी 10 वर्षों तक गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों में घूमते रहे थे उस वक्त स्वामी दयाल जी का प्रिय भोजन सत्तू ही था ।

2007 से चलता आ रहा है सतु का भंडारा

छपरा में ब्रह्म विद्यालय सह आश्रम कि स्थापना 2005 में बताई जाती है I आश्रम के निर्माण के उपरांत यहा 2007 से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है । स्वामी जी ने बताया कि मढ़ौरा के चिकित्सक डा बीके सिंह ने सत्तू के भंडारे को शुरु कराया था जो निरंतरता में चलता आ रहा है । भंडारे को सम्पन्न कराने में मढ़ौरा के चिकित्सक डा. बीके सिंह, डा. मंजू सिंह, डा राहूल हरिश, यशवंत प्रताप सिंह, सुरेन्द्र साह, सोनू सिंह, सोनू पाण्डेय, अशोक सिंह, धनवीर सिंह, रविंद्र गुप्ता, मनोज कुमार गिरि, हरदन सिंह सहित अन्य सेवा भाव से जूटे दिखे ।