छपरा में अमनौर के सामाजिक कार्यकर्त्ता की गला रेत कर की गई हत्या, परिजनों में मचा कोहराम

छपरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढ़ा ढाला के पास एक समाजिक कार्यकर्ता व चिकित्सक की मौत उसके क्लिनिक में ही गला रेत कर दिए जाने से कोहराम मच गया. शुक्रवार की सुबह जब इसकी सूचना उसके घरवालों को मिला तो वहां आनन-फानन में पहुंचे तो पाया कि उसका शव बाथरूम में पड़ा था. उक्त घटना के सुचना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही मामले की जांच में जुट गई. मृतक चिकित्सक अमनौर हरनारायण गांव निवासी अनिल प्रसाद कुशवाहा सिंह (42 वर्ष) बतायी गयी है . मालूम हो कि डॉ कुशवाहा साढा ढाला के पास किराये के मकान में रहते थे. वह फोड़ा, फूंसी, घाव का इलाज करता थे. मृतक के परिजनों को डाॅ अनिल की हत्या के पीछे शराब माफिया के हाथ होने की आशंका है. मृतक के पुत्र ने बताया कि अनिल कुमार सिंह हमेशा सामाजिक मूद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं.

मृतक के पुत्र के बयान पर मुफ्फसिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
शुक्रवार की सुबह जब डॉ अनिल प्रसाद कुशवाहा की हत्या की खबर अमनौर हरनारायण गांव में मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया. शुक्रवार की इस घटना से उसके परिजनों के साथ – साथ गांव के लोगों में सनसनी फैल गई. मृतक डॉ अनिल प्रसाद कुशवाहा की शव उसके घर पहुचते उसके पिता बांके लाल कुशवाहा, माता पानपती देवी पुत्री निक्की, पुजा तथा पुत्र श्रीराम व जय राम का रो रो कर बुरा हाल है वहीं उसकी पत्नी धन्ना देवी दहाड़ मार रोते हुए मुर्क्षित हो जमीन पर गिर पडती थी. जिसे देख स्थानीय लोगों के आखों में आंसू झलक जा रही थी. परिजन रो रो कर यही कह रहे थे कि अब घर को कोन संभालेगा. मालूम हो कि डॉ कुशवाहा की दो पुत्री तथा दो पुत्र हैं. दोनों पुत्रियों की शादी का बोझ बाकी है.