ऊर्जा संरक्षण और जन जागरूकता विषय पर हुई परिचर्चा
जमुई। (संजीव कुमार सिंह):
शहर के केकेएम कॉलेज में शनिवार को ऊर्जा संरक्षण दिवस पर ऊर्जा संरक्षण और जन जागरूकता विषय पर एक परिचर्चा की गई। परिचर्चा की अध्यक्षता प्रो. डा. गौरी शंकर पास ने की। मौके पर मौजूद अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डा. प्रो. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि ऊर्जा विकास की रीढ़ है। इसके बिना विकास संभवन हीं नहीं है। ऊर्जा उपभोग किसी देश की प्रगति का पज्ञैमाना होता है। अत: ऊर्जा संरक्षण आज की आवश्यकता है। चूंकि ऊर्जा संचय व ऊर्जा बचत भी एक प्रकार से ऊर्जा उत्पादन ही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। ऊर्जा संरक्षण का मतलब ऊर्जा संरक्षण को जीवन का आवश्यक अंग बना लें। वेबजह पंखा, बत्ती, टीबी, एसी, फ्रीज आदि चीजोंं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बचाई गई ऊर्जा को देश के विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। वहीं प्रो. देवेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि ऊर्जा हर व्यक्ति का हक है, इसलिए इसे बचाना भी हम सबकी संयुक्त जिम्मेदारी है। प्रत्येक मानव के व्यवहार में ऊर्जा संरक्षण निहीत होना चाहिए। वहीं प्रो. डा. चंद्रमा सिंह ने कहा कि ऊर्जा काम करने की शक्ति है और शक्ति से विकास एवं प्रगति होती है। अत: ऊर्जा संरक्षण के प्रति सभी लोगों को जागरूक होना होगा। वहीं प्रो. डा. मनोज कुमार ने कहा कि ऊर्जा विकास का इंजन है। आज ऊर्जा के बिना कोई काम मुमकीन नहीं है। वहीं प्रो. सरदार राम ने कहा कि ऊर्जा उत्पादन की एक सीमा होती है। बढ़ती आबादी को अधिक से अधिक ऊर्जा की जरूरत है। अत: हमें दो ठोस कदम उठाने होंगे।




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