Θ बेतिया:– श्री पंडित योगेन्द्र शरण उपाद्ध्याय के निधन पांड्या समाज के एक युग का अंत .

✍न्यूज इनपुट बेतिया : नीरज ठाकुर के कलम से :👉
साठी प० चमपारण के प्रसिद्ध आचार्य,समाज सेवी श्री पंडित योगेन्द्र शरण का देहांत गत 1 नवम्बर को उनके पैत्रिक निवास पाण्डेय टोला साठी में होगया था , पंडित योगेन्द्र शरण उपाध्याय साठी क्षेत्र के जाने माने समाज सेवी थे, उन के निधन पर उन के पार्थिव शारीर के दर्शन हेतु चम्पारण के कई नामी गिरामी राजनेतिक, समाजिक व्यक्तियों का तांता लगा रहा, श्री पंडित योगेन्द्र शरण उपाध्याय की बात की जाए तो उनकी आयु लगभग 80 वर्ष के करीब थी , अपने जीवन में उन्हों ने कई मन्दिरों का निर्माण करवाया था, सदा समाजिक उत्थान के लिए उन को आगे देखा जाता था और उन का सहयोग सदा प्राप्त होता था , सभी धर्मों के चहेते थे , उन के निधन पर युवा लेखक शमीम कमर रेयाज़ी ने कहा की पंडित जी का हमारे बीच से चले जाना एक बहुत बड़ा छति है जिस की पूर्ति पंड्या समाज पूरा नहीं कर सकता . वही सारांश एजुकेशन के चेयरमैन शहाबुद्दीन जी ने कहा की पंडित जी से हमारे परिवारिक लगाव का दर्द हमेशा महसूस होता रहेगा .
श्री पंडित योगेन्द्र शरण उपाध्याय की गिनती पांड्या समाज के विद्वानों में होता था , वह पहले अपने गावं के ब्यक्ति थे जिन्हों ने उच्च शिक्षा हेतु आई टी आई भी क्या था , वे शुगर मिल में कार्यरत रहे । जब वह युवा अवस्था में थे , उस के बाद उन्हों आचार्य की उपाधि प्राप्त किया वे ज्योतिष विदध्या के जानकार थे .
पंडित यौगेंद्र शरण उपाध्याय ने अपने पीछे परिवार में 4 पुत्रों एवं 2 पुत्रियों को छोड़ा है , उनके ही पुत्र श्री शैलेस उपाद्द्याय उर्फ़ नेपाली बाबा हैं जो काफी प्रसिद्ध व्यक्ति हैं, दुसरे पुत्रों में श्री राजीव उपाध्याय ,श्री मनीष उपाध्याय रेलवे ड्राईवर हैं , शैलेन्द्र उपाध्य ज्यौतिशी हैं , दोनों पुत्रियाँ विवाहित हैं ,
श्री शैलेश उपाध्याय ने संवादाता को फोन पर बताया के उनके पिता का श्राद्य कार्यक्रम 12 नवम्बर को उनके पैत्रिक निवास पांडे टोला में किया जायेगा जिस में उन्हों ने अपने मित्रों ,रिश्तेदारों से शामिल होने का आग्रह किया है .