सारण :सौ करोड़ का आपदा राहत, फिर भी बाढ़ राहत से वंचित
⏩गड़खा दिघवारा व दरियापुर के पीड़ित परिवारों में क्षोभ
⏩मुखिया बीडीसी व नगर पार्षदों पर उदासीनता का आरोप
⏩’वादा था खैरात व घर हुकूमत व हुक्कामों का मगर,
⏩किसको मिला ?कितने आसाराम मुफीद हुए?
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✍अखिलेश परमार की रिपोर्ट

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⏩दिघवारा (सारण)
सवाल है दहकान मजदूर व मजलुमों का?बहरहाल, गुड़ चूडा प्लास्टिक व बैंको में फी खाताधारकों को कैश ट्रांसफर में खर्च करीब 100 करोड़ में 50 करोड़ ब्यय के बाद भी बंचित जनों की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं। दिघवारा व गड़खा के लोग सड़क पर उतर रहे हैं तो दरियापुर के सज्जनपुर मटिहान पंचायत के अजय ठाकुर उर्फ छीलनदेव ठाकुर, अदमापुर निवासी शैलेन्द्र सिंह दिघवारा नगरपंचायत के मनोज कुमार पासवान जैसे दर्जन भर लोगों आरटीआई से आवंटित राशि बाढ पीड़ित परिवारों की सूची वाउचर तक की माँग की है । शुक्रवार को दिघवारा प्रखंड मुख्यालय पर नगरवासियों ने धरने के स्पष्ट आश्वासन न मिलने व बाढ राहत भुगतान की तिथि घोषितनाएँ नहीं किए जाने पर अक्रोशित हो गए, प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनीति पासवान अंचल नाजीर रामप्रवेश राम आदेशानुसार अनारसी प्रसाद के साथ धक्का मुक्की व तोड़फोड़ का समाचार मिला है। प्रशासनिक पहल पर धरना-प्रदर्शन करने वाले लौट गए। अंचल के एक कर्मचारी ने बताया संभव है देर रात तक प्राथमिकी दर्ज हो।
वार्ड पार्षदों पर उदासीनता का तोहमत -नगरवासियों के अनुसार वर्ष 2013में 1500रूपए नकद व एक एक क्विंटल अनाज के लिए सक्रिय नगरपार्षद इस बार उदासीन थे। जबकि पंचायत मुखिया सक्रिय होकर बाढ पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में ट्रान्सफर कराने में सफल रहे। सीमावर्ती पटना जिला के दानापुर अनुमंडल में बाढ पीड़ितों का चैक से भुगतान नवंबर2 016में ही होगया । किन्तु दिघवारा का भुगतान फरवरी तक हुआ और नगर पंचायत वंचित है।
दरियापुर में 80फीसदी कैश ट्रांसफर का दावा-दरियापुर प्रखंड कार्यालय लिपिक सत्यप्रकाश के अनुसार पूरे 25पंचायतों में कैश ट्रांसफर करीब 80-85प्रतिशत हो गया है गलत खाते को सही कराकर शेष परिवारों को भी ट्रांसफर करा दिया जाएगा। मगर मटिहान पंचायत में 4 प्रतिशत लोगों का नाम छानने का आरोप छीलनदेव ठाकुर का है।
गड़खा प्रखंड के श्रीपाल बसंत पंचायत में भी कटा है नाम-वर्ष2013 में वंचित भगवानी छपरा बनवारी बसंत भुईंगाँव खोरी पाकड़ के कुछ परिवारों को मिला है और कुछ लोगो को नही। संभावना समाप्तःयद्पि अधिकारी व जन प्रतिनिधि कोषागार में राशि होने और भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं। मगर जानकार सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 30 मार्च के बाद शुरू हो रहा है। अब तक नहीं भुगतान हुए तो संभव कहाँ है?कुछ आरटीआई कार्यकर्ता कोर्ट जाने की बातें कर रहे हैं!बर्ष2013 का एक मामला हाईकोर्ट में है और सुनवाई अब तक नहीं हुई है।




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