मांडलगढ़:चिकित्सा अधिकारी जी मौन,बंगाली दवाखाने पकडे कौन
दिलीप मेहता 
मांडलगढ़ 24 जून।  सर्किल में बिते वर्षो में चारो और बंगाली लोगो ने दवाखाने खोल रखे है जो सही है या गलत कौन जाने और चिकित्साधिकारी भी मौन है ।
खटवाडा में शिकायत और जागरूकता पूर्ण खबरो के चलते उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश गौतम ने पहली बार झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ कार्यवाही कर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है । इतने साल बीत गये और धिरे धिरे मांडलगढ़ से लेकर बिजौलियां क्षैत्र में जगह जगह झोलाछाप, डाक्टर बनकर दुकाने खोल मरिजो का इलाज कर रहे है । कुछ जगहो पर मरिज मजबूरन यहां इलाज करा रहे है क्योकि वहां पर सरकारी दवाखाने नहीं है । आस पास क्षैत्र में दवाखानेें चला रहे इन बंगालियों को कोई रोकने वाला नहीं है जबकी यहां पर उप,मु. चि. अधिकारी बैठते है । खुले तौर पर इनको ऐसे अधिकारियो का सरंक्षण मिला हुवा है । ऊपर तक जेबे गर्म होने के कारण कोई रोकने वाला नहीं है । यहां डिप्टी सी एम एच वो कार्यलय है और नगर में बंगाली दवाखाने धडल्ले से चल रहे है ,पर रोके कौन ? जानकारी के अनुसार नगर का एक युवा बंगाली आस पास के झौला छाप दवाखानो से हर महिने बंधी लाकर अधिकारियो को पहुंचाता है । ऐसी मिलीभगती के कारण कौन पकडेगा ? 
अधिकारी चाहे तो इनकी धर पकड करे । इलाज के नाम पर इन दवाखानो पर मरिजो को  आर्थिक नुकसान के साथ साथ   स्वास्थ्य का भी नुकसान हो रहा है । बताया जाता है कि यह हाईडोज देकर मरिजो का इलाज करते है तथा इनकी दुकानो पर ग्लूकोज की बोतलो में इंजेक्शन डालकर मरिजो को लगा रहे है और इलाज के नाम पर आर्थिक चोट भी लगा रहे है । सरकार के स्तर पर सरकारी दवाखानो पर इलाज फ्री है । समय रहते इनकी चिकित्सा विभाग धरपकड करे तो कई  फर्जी चिकित्सक बन बैठे ऐसे लोग पकड में आयेंगे और बंगाल से आ रहे ऐसे कई लोगो का क्या आपराधिक रेकार्ड भी है,, तो भी जरूर पकड में आयेंगे ?? देखे उप मुख्य चिकित्साधिकारी आने वाले दिनो में इन अवैध झोलाछाप बंगाली डाक्टरो के खिलाफ क्या कार्यवाही करेंगे या फिर इनसे मिलीभगती के कारण क्या नरमाई दिखायेंगे…। समय को इंतजार रहेगा ?  तत्काल ही इस और ध्यान नहीं दिया तो यह मरिजो की जान जोखिम में डालने वाला कार्य होगा ? जनहित में सरकारी चि. अधिकारी इन झोलाछाप इलाज करने वालो का क्या कर पायेंगे या नहीं… यह राम ही जाने।