महारानी काॅलेज आत्महत्या केसः जिससे खुलता राज,वही गायब
आजाद नेब
जयपुर 13 अप्रैल। महारानी कॉलेज की छात्रा कोमल प्रजापत की आत्महत्या की गुत्थी एफएसएल रिपोर्ट से उलझ गई है। सुसाइड नोट की वही कतरनें गायब हैं, जिसमें मौत का कारण लिखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार कुछ कतरनें गायब हैं, जिसकी वजह से सुसाइड नोट का वाक्य स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद परिजनों की मांग पर अब आत्महत्या की जांच सीआईडी (सीबी) करेगी। अशोकनगर थाना पुलिस ने रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
यह था मामला
23 मार्च को हॉस्टल के कमरे में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा कोमल का शव पंखे पर लटका मिला था। छात्रा के पिता गुलाबचंद ने कॉलेज प्रशासन और कई छात्राओं पर गंभीर आरोप लगाए। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
छात्राएं बोलीं, अंग्रेजी का पेपर खराब गया था
आत्महत्या वाला हॉस्टल का कमरा बंद है। उसकी चाबी पुलिस के पास है। आस-पास के कमरों में छात्राएं रह रही हैं। दर्जनों छात्राओं के बयानों के मुताबिक कोमल ने अंग्रेजी का पेपर खराब होने और क्रिकेट में कॅरियर न बनने के डिप्रेशन में आत्महत्या की। कोमल के हाथ पर लिखा क्रिकेट अकादमी का पता भी तस्दीक हो गया। कोमल ने एक छात्रा के स्मार्टफोन में क्रिकेट अकादमी का पता सर्च कराया था। उस छात्रा के स्मार्ट फोन की हिस्ट्री से यह भी स्पष्ट हो चुका है। कोमल के मोबाइल की कॉल डिटेल भी आ गई। जिससे स्पष्ट हुआ है कि वह परिजनों और रिश्तेदारों से बातचीत करती थी।
एफएसएल रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट को लेकर रिपोर्ट स्पष्ट नहीं हैं। रिपोर्ट में इतना स्पष्ट है कि कागज की कतरनों में लिखा है कि ‘मैं कोमल प्रजापत। मेरी आत्महत्या की वजह…दवाब है। किसका और कौन सा दबाव? यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। नीचे की लाइन में लिखा है कि माय लाइफ, माय ऐम’। इतना ही नहीं सुसाइड नोट में लिखा दबाव शब्द भी वर्तनी की दृष्टि से गलत है।
कोमल थी चित्रकारी की शौकीन
पुलिस के मुताबिक कोमल की चित्रकारी बहुत अच्छी थी। हॉस्टल के कॉमन रूम में लगी एक पेंटिंग इसकी पुष्टि करती है। वह हिंदी माध्यम से थी लेकिन उसने अंग्रेजी साहित्य का विषय लिया था। उसे अंग्रेजी न समझ में आती थी और न ही याद होती थी। इस समस्या को कोमल ने कई बार छात्राओं को बताई थी।
इनका कहना है
एफएसएल रिपोर्ट और हॉस्टल की छात्राओं के बयान के आधार पर एक रिपोर्ट बनाई है। जिसे डीसीपी साउथ मुख्यालय भेज दिया है। अब आगे की जांच सीआईडी (सीबी) करेगी।
बालाराम, थानाधिकारी अशोकनगर।




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