बैंक से नकद लेनदेन की सीमा समाप्त-महासंघ
पैसा निकालने पर नही लागू होगी धारा 269
राजस्थान के बारां से फ़िरोज़ खान की रिपोर्ट
बारां 07 अप्रैल। भारत सरकार के केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड सीबीडीटी ने 01 अप्रेल से लगाई धारा 269 के तहत 2 लाख से अधिक राशि की निकासी पर पाबंदी को हटा दिया है। व्यापार महासंघ अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल, धानमंडी व्यापार संघ अध्यक्ष देवकीनंदन बंसल, केट के जिलाध्यक्ष सतीश खंडेलवाल, धर्मादा संस्था के ललित धक्का, किराना व्यापार संघ अध्यक्ष योगेश बाटा के नेतृत्व में दो दिन पूर्व व्यापारिक कारोबार में लेनदेन को लेकर आ रही परेशानी के बाद प्रतिनिधि मण्डल जिला आयकर अधिकारी से मिला था। तब व्यापारियों ने बैंको से दो लाख से अधिक की निकासी रोकने पर अपना गहरा विरोध व्यक्त करते हुए इसे व्यापार विरोधी कदम बताया था। देशभर में सीबीडीटी के इस निर्देश की जबरदस्त निन्दा व आलोचना के बाद केंद्र प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने नए आदेश जारी करते हुए धारा 269 को वापस लेकर व्यापारियों तथा आम जनता को बैंक खातों तथा पोस्ट आॅफिस से दो लाख से अधिक की राशि निकालने की पाबंदी को निरस्त करते हुए दो लाख से अधिक के नकद कारोबार को तो प्रतिबंधित रखा गया है लेकिन बैकों तथा पोस्टआॅफिस से निकासी के नियम को निरस्त कर दिया। सीटीबीटी ने अपने 05 अप्रेल के नए आदेशों में दो लाख से अधिक नकद लेनदेन पर लगा प्रतिबंध बैंक और पोस्ट आॅफिस, बचत खाते से पैसा निकालने पर लागू नही होगा। महासंघ अध्यक्ष खंडेलवाल ने आयकर अधिकारी धर्मेन्द्र श्रृंगी से हुई चर्चा के बाद बताया कि वित्त विधेयक-2017 के जरिये सरकार ने दो लाख रुपए से अधिक नगद लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया है। दो लाख रुपए से अधिक की राशि लेने वाले पर 100 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रावधान भी सरकार ने किया है। इनकम टैक्स कानून में शामिल की गई नई धारा 269एसटी पर स्पष्टीकरण देते हुए सीबीडीटी ने कहा कि यह प्रतिबंध बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक और पोस्ट ऑफिस से पैसा निकालने पर लागू नहीं होगा। इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी की जाएगी। 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री ने तीन लाख रुपए से अधिक के नगद लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया था। बाद में वित्त विधेयक में संशोधन कर इस सीमा को घटाकर 2 लाख रुपए कर दिया गया, जिसे पिछले महीने लोक सभा द्वारा पारित किया जा चुका है। सीबीडीटी ने कहा कि यह प्रतिबंध सरकार, बैंकिंग कंपनी, पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा किसी भी प्राप्ती पर भी लागू नहीं होगा।




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