तुर्की मे विरोधियों का दमन जारी,विदेशों को दिये शरण के आवेदन
दैनिक खोज खबर(डेस्क)

जर्मन अधिकारियों का कहना है कि तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह के बाद जारी वर्ष में 4400 तुर्क नागरिक जर्मनी में राजनैतिक शरण का आवेदन दे चुके हैं और यह संख्या पिछले साल के मुकाबले दो गुना से अधिक है।

फ्रेंच समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार इस साल राजनैतिक शरण का आवेदन करने वालों में जर्मनी में मौजूद नैटो एयरबेस पर तैनात सैकड़ों तुर्क सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

ज्ञात रहे कि बर्लिन और अंकारा के संबंध बहुत अधिक तनावपूर्ण हैं जिसका मुख्य कारण राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान की सरकार की ओर से नागरिक अधिकारों के उल्लंघन पर जर्मनी की चिंताएं हैं विशेष रूप से जुलाई में सैन्य विद्रोह की विफलता के बाद से तुर्क सरकार की ओर से विपक्ष से संबंधित हज़ारों वकीलों, पत्रकारों और अन्य आलोचकों के खिलाफ जारी दमन शामिल है।

विस्थापन और शरणार्थियों के मामले में जर्मनी के अधिकारी ने बताया कि इस साल उन्हें अक्टूबर के अंत तक तुर्क नागरिकों की ओर से राजनैतिक शरण के लिए 4437 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जबकि पिछले साल यह संख्या 1767 थी।

उनका कहना था कि इस साल जुलाई में 275 आवेदन प्राप्त हुए थे था जबकि अक्टूबर में यह संख्या 485 हो गई लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि राजनैतिक शरण के आवेदन में वृद्धि का संबंध तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह नहीं है।

ज्ञात रहे कि इस साल 15 जुलाई को तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह के बाद देश में आपातकाल लगाया गया था जिसके बाद सरकार ने हजारों लोगों के खिलाफ कार्यवाही की थी जिसमें हजारों सैनिक, शिक्षकों, पत्रकारों सहित अन्य विरोधियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिस पर राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान को स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।