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🔴याचकों का हर मनोकामना होती है पूर्ण,  कई दशकों से आयोजित होती रही है मां काली का पूजन आवाहन.

कुमार साजन” दैनिक खोज खबर “चौसा (मधेपुरा)

चौसा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चौसा पश्चिमी में मां काली मेला का आयोजन किया गया है। मां काली की मूर्ति का आकर्षण दर्शनार्थियों को आकर्षित करती है।

 

कई वर्षों से मां काली का पूजन अर्चन बड़ी धूमधाम के साथ किया जाता है। तथा पौराणिक रीति रिवाज के तहत माता का श्रृंगार पूजन भी होता है। बताया जाता है कि मां काली के दरबार में जो भी याचक अपनी मनोकामना लेकर आते हैं ।

वह खाली हाथ लौटकर नहीं जाता ।कई दशकों से याचक द्वारा मनोकामना पूर्ण होने के कारण मूर्ति का निर्माण कराया जाता है ।

यहां बलि प्रथा नहीं होती जो मंदिर का मुख्य विशेषता में एक है। जब की मां को चढ़ाने के ख्याल से याचकों द्वारा बकरा को लाकर श्रद्धा पूर्वक फुलायस कराया जाता है। जिसके पश्चात बकरा के रूप में छोड़ दी जाती है।

 माँ काली का अद्भुत स्वरूप यहां देखने को मिलता है ।ऐसी मान्यता है कि गांव में अचानक आग लग गई जिसकी लपट से हजारों घर आग के हवाले हो गए ,अंत में मां काली मंदिर के परिसर में ग्रामीण जमावड़ा होकर मां का आवाहन किया, जिसके पश्चात एक लपट उड़कर मां के परिसर में गिरा। तुरंत बाद गांव आग से निजात मिल सका ।यहां दूर-दूर से याचक आते हैं ।और मनोकामना पूर्ण हो कर मां को आभूषण के रूप में चढ़ावा चाहते हैं । 

(गायन प्रस्तुत करते नारायण पासवान ,सोमन पासवान ,राजेंद्र ठाकुर ,श्रवण पासवान ,छेदी पासवान आदि)
ग्रामीणों के द्वारा मां का आवाहन गायन द्वारा भी किया जाता है जिस का एक दृश्य नीचे की वीडियो में देखें । मां काली पूजा समिति के अध्यक्ष सूर्य कुमार पटवे ने बताया कि हर वर्ष की भांति आज भी नृत्य-संगीत का प्रोग्राम है  जिसमें गांव के बूढ़े बच्चे युवा युक्ति  सभी  मिलकर मनोरंजन के लिए आते हैं।इनकी सुरक्षा व्यवस्था में मेला समिति एवं ग्रामीण युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है साथ ही स्थानीय प्रशासन का पूर्ण मदद मिलती है …………..

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