
दैनिक खोज खबर/सोनपुर। सोनपुर में भूमि विवाद हों या एयरपोर्ट निर्माण,टोपो लैंड विवाद, टाउनशिप निर्माण के लेकर सोनपुर क्षेत्र में भू स्वामियो ने सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अब तो टोपोलैंड विवाद को लेकर सोनपुर में जनआंदोलन तेज हो गया है। टोपोलैंड संघर्ष समिति के आह्वान पर रविवार शाम मशाल जुलूस निकाला गया। यह मशाल जुलुस सोनपुर के महेश्वरी चौक से सैकड़ो की संख्या में मशाल लेकर एवं तखती पर लिखी हुई शब्दों से स्पष्ट हो गया है यह जन आंदोलन रुकने का नाम नहीं लेगा । मशाल जुलूस सोनपुर महेश्वरी चौक से गाय बाजार, सोनपुर स्टेशन होते हुए सोनपुर गोला बाजार,गौतम चौक तक पहुंचा।आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि अधिकार, पहचान और अस्तित्व की लड़ाई है। वहीं अगले दिन सोमवार के सोनपुर बंद का भी आयोजन किया जायेगा। पिछले 15 जून से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर काला झंडा लगाकर विरोध शुरू कर रखा है। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना के लिए प्रशासन द्वारा भूमि मापी कराई गई है । इसके बाद माइकिंग कर लोगों से जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।जहाँ
टोपोलैंड से संबंधित भूमि की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज एवं ऑनलाइन रसीद निर्गत करने पर कथित रूप से बिना किसी वैधानिक आदेश के लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में टोपोलैंड संघर्ष समिति, सोनपुर के बैनर तले एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस का उद्देश्य आम नागरिकों एवं व्यापारियों को भूमि अधिकारों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना तथा पूर्व घोषित जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए जनसमर्थन जुटाना थ। पूरे मार्ग में संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर शांतिपूर्ण ढंग से मार्च किया तथा आम लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को टोपोलैंड से जुड़े विवाद और उससे आम नागरिकों को हो रही कठिनाइयों की जानकारी दी। समिति के सदस्य विनोद सम्राट, बीरेंद्र शर्मा, भरत सिंह, आशुतोष कुमार, पवन शर्मा, अविनाश शर्मा जैसे नेताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टोपोलैंड से संबंधित मामलों में दिए गए निर्णयों के बावजूद यदि भूमि की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज एवं ऑनलाइन रसीद निर्गत करने पर बिना किसी सक्षम आदेश के रोक लगाई जाती है, तो इससे हजारों भू-स्वामियों और आम नागरिकों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। लोगों की वर्षों की जमा-पूंजी से खरीदी गई जमीनों का निबंधन एवं राजस्व संबंधी कार्य बाधित होने से सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
मशाल जुलूस के दौरान संघर्ष समिति के सदस्यों ने स्थानीय दुकानदारों एवं आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें सोमवार को आयोजित जनता कर्फ्यू में स्वेच्छा से भाग लेने का आह्वान किया। समिति ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस लोकतांत्रिक आंदोलन को समर्थन दें, ताकि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करे। इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिनोद सम्राट, अधिवक्ता नवल कुमार सिंह, अधिवक्ता आलोक चंद्रा, वीरेन्द्र शर्मा, पवन शर्मा, डॉ. आशुतोष कुमार, अभिमन्यु सिंह, जयंत कुमार सिंह, कुमारेश्वर सिंह, दीपक कुमार सहित संघर्ष समिति के अनेक पदाधिकारी, सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




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