
डोरीगंज (सारण)। गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से सारण जिले के दियारा और तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो चुका है, जिससे लोगों के आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र जीवनरेखा बची है।

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प्रमुख प्रभावित क्षेत्र
- सदर प्रखंड: रायपुर, बिंदगावां, कोटवापट्टीरामपुर, बड़हरा महाजी, चिरांद (दलित-महादलित बस्ती), सिंघी, मकुंद टोला, रसूलपुर, टिकुलिया टोला, पांडेय टोला, डुमरी, शनिचरा टोला, नेहाला टोला, पश्चिमी व पूर्वी बलुआं, पीपरा टोला और मुसेपुर।
- गड़खा प्रखंड: मौजमपुर, फुलवरिया टोला, पकवलिया टोला, संठा, रामू टोला और मौजमपुर दलित बस्ती।
मुख्य समस्याएं
- दर्जनों परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
- ग्रामीण सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने में भारी कठिनाई हो रही है।
- आवागमन के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा, भोजन और सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रशासन और स्थानीय स्तर पर राहत कार्य
- प्रशासनिक कदम: सदर अंचलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। राहत के लिए रायपुर-बिंदगावां में 2, कोटवापट्टीरामपुर में 7 तथा बड़हरा महाजी, मेघनाथ और मुसेपुर में 2 नावों का संचालन किया जा रहा है। विस्थापित परिवारों को पॉलीथिन शीट और जरूरी सामग्री बांटी जा रही है।
- जनसहयोग: स्थानीय मुखिया सत्येंद्र सिंह और रामाधार राय लगातार अपने क्षेत्र में डटे हुए हैं। मुखिया सत्येंद्र सिंह अपने निजी कोष से चार नावें चलवा रहे हैं तथा बीमार व जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रहे हैं।




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