
धर्मेंद्र रस्तोगी//छपरा,03 सितंबर:
सारण जिला स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में एक नए और ऐतिहासिक युग में प्रवेश कर चुका है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) के तहत जिले में हासिल की गई प्रगति पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों के आपसी समन्वय से स्वास्थ्य क्षेत्र को एकीकृत और आधुनिक बनाया जा रहा है।

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707 निजी स्वास्थ्य संस्थान एचएफआर (HFR) में पंजीकृत
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि सारण जिले के कुल 707 निजी स्वास्थ्य संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में सफलतापूर्वक पंजीकरण किया जा चुका है।
- पंजीकृत संस्थान: आधुनिक अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डिस्पेंसरी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सेंटर, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी सेंटर और ब्लड बैंक।
- फायदे: सभी संस्थानों के एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने से नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।
“स्वस्थ सारण, सशक्त सारण” की ओर ऐतिहासिक कदम
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविंद कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को सहज और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। जब चिकित्सक, अस्पताल और पैथोलॉजी लैब एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगे, तो मरीज की मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर को एक क्लिक पर मिल जाएगी, जिससे कम समय में सटीक उपचार संभव हो सकेगा।
सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों का एचपीआर (HPR) पंजीकरण शत-प्रतिशत पूर्ण
जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) अभिनय कुमार ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में सभी चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) के तहत पंजीकरण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।
- डिजिटल रिकॉर्ड: इससे मरीजों के इलाज का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे पुरानी पर्चियां साथ ले जाने की झंझट खत्म होती है।
- अगला कदम: सरकारी क्षेत्र में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के बाद अब प्रशासन का पूरा फोकस निजी स्वास्थ्य संस्थानों के डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों के एचपीआर पंजीकरण पर है, जिसके लिए युद्धस्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।




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