सारण :परसा में अखण्ड ज्योति आई हॉस्पिटल ने निकाली जागरूकता रैली

परसा /सारण
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह (दिनांक ११ मार्च से १७ मार्च २०१८) के उपलक्ष्य में पूर्वोतर भारत के सर्व प्रमुख नेत्र अस्पताल अखण्ड ज्योति आई हॉस्पिटल मस्तिचक द्वारा दिनांक १४/०३/१८ को सुबह ६ बजे से प्रभात फेरी निकली गई. इस प्रभात फेरी का मुख्य उदेश्य जनमानश के बीच ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) की बिमारियों से सम्बंधित जागरूकता फैलाना रहा. ये पभात फेरी अखण्ड ज्योति आई हॉस्पिटल से शुरु कर परसा बाजार होते हुए सैदपुर गाँव से वापस अस्पताल में पूरी की गई. इस प्रभात फेरी में अस्पताल के डॉ अजीत कुमार पोद्दार, डॉ रघुवंश, डॉ खालीद, डॉ आशीष अग्रवाल, डॉ दीपेश मौर्या, डॉ धनंजय कुमार, डॉ फैज़, डॉ प्रियंका, डॉ तरन्नुम, डॉ तनवीर, डॉ अमर, डॉ स्वेता, डॉ धीरज एवम मिस्टर नौशाद का सराहनीये योगदान रहा.

इसके पश्चात् अस्पताल में आये हुए सभी मरीजों के बीच ग्लूकोमा से सम्बंधित बचाव, उपचार और उनसे उत्पन्न विभिन्न जटिलताओं के बारे में अखण्ड ज्योति आई हॉस्पिटल के चिकित्सकों और कर्मचरियों ने विस्तृत जानकारी दी. जिसमे वारिये चिकित्सा निदेशक डॉ अजीत कुमार पोद्दार, ग्लूकोमा consultant डॉ स्वेता एवम सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने यह समझाया कि यदि आपकी उम्र ४० वेर्ष से अधिक हो, मधुमेह या हाई मायोपिया हो, आपके चश्मे का नंबर समय-समय पर बदल रहा हो या आपके परिवार में किसी भी वयक्ति को काला मोतियाबिंद हो तो जल्द ही नेत्र रोग विशेषज्ञ (चिकित्सक) से संपर्क करें और अपने आँखों की जाँच करवायें. ११ से १७ मार्च तक चल रहे ग्लूकोमा सप्ताह में अस्पताल में आये सभी मरीजों को काला मोतियाबिंद से सम्बंधित पठनीय सामग्री जैसे पम्पलेट, लीफलेट इत्यादि वितरित की जा रही है . विदित हो कि ग्लूकोमा एक दृष्टिचोर बीमारी है, जिसके प्रारंभिक अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते. सुरुआती अवस्था में इसकी जाँच, पहचान एवम उपचार ही उचित है.

आँख के भीतर नस की अधिक क्षति हो जाने के बाद ही मरीज को पता चलता है और काफी advanced stage में इलाज से भी पूरी रौशनी वापस नहीं भी हो सकती है. अखण्ड ज्योति आई हॉस्पिटल के ग्लूकोमा विभाग में तमाम तरह की अत्याधुनिक जाँच एवम उपचार की सुविधायें उपलब्ध हैं.




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