समस्तीपुर:सड़क हादसा में मृत जनों की आत्मा की शांति के लिए निकाला कैंडिल मार्च
#न्यूज़ इनपुट -केशव बाबू

समस्तीपुर
समस्तीपुर जिले के शहर के गायत्री कम्पलेक्स के पास से अपने-अपने हाथों में कैंडिल लेकर बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवियों ने कैंडिल मार्च निकाला। जो शहर के मुख्य मार्ग का भ्रमण करते हुए डीएम आवास के समक्ष पहुँचकर मार्च किया। शहर से बस स्टैंड हटाने, बडे वाहनों का शहर में प्रवेश पर रोक, तय गति सीमा 20 कि० मी० प्रति घंटा लागू करने, एन एच-28 से बूढी गंडक नदी के उस पार तक बाईपास बनाने, सडक किनारे वाहनों के अवैध पार्किंग पर रोक लगाने, नाला पर बना पैदल रास्ता को अतिक्रमण मुक्त करने, सडक के बीच बना डिवाईडर को मुसरीधरारी तक पूरा करने, प्रकाश की व्यवस्था करने,ओभरलोडिंग पर रोक लगाने, चौक- चौराहों पर यातायत पुलिस लगाने, सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था को सुधारने समेत जनहित के अन्य मांगों के साथ हरपुर ऐलोथ सड़क हादसा में सभी 11 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए कैंडिल मार्च निकाला। जो शहर के मुख्य मार्ग का भ्रमण करते हुए डीएम आवास के समक्ष पहुँचकर मार्च कर्पूरी स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा में तब्दील हो गया। दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि दिया गया। मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रूपये मुआवजा, परिजन को नौकरी देने की मांग की गई। सभा की अध्यक्षता इनौस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह, आइसा के सुनील कुमार, अमरजीत कुमार, मनीष कुमार, अविनाश कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता माले, रधुनाथ राय माकपा, रामसागर पासवान माकपा, शत्रुधन पंजी भाकपा, शशिभूषण शर्मा चीनी मील मजदूर यूनियन, डाँ० मिथिलेश कुमार चेतना, बबलू तिवारी एन जी ओ, शैलेन्द्र सिंह डाक विभाग, मो० सगीर मानवाधिकार, मिथिलेश कुमार, शंभू झा मानवाधिकार समेत अन्य लोगों ने सभा को संबोधित किया।मृतकों के तस्वीर पर माल्यार्पण के बाद दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि भी दिया गया। नेताओं ने हादसा में मरे लोगों को 7-8 घंटे तक कफन से मृत शरीर को नहीं ढके जाने को प्रशासनिक विफलता के साथ मानवता का अपमान भी बताया