श्री कृष्ण की प्राप्ति भागवत कथा श्रवण कर किया जा सकता है : गोविन्द जी

पानापुर(सारण )सोमवार को ग्राम बक़वा शिव मंदिर के प्रांगण में संत गोविंद जी महाराज के द्वारा चल रहे संगीतमय भागवत कथा के प्रथम दिन महाराज जी ने भक्ति ज्ञान, वैराग की कथा सुनाई। इस अवसर पर गोविंद जी महाराज ने कहा कि इस घोर कलिकाल में जीव प्रायः आसुरी स्वभाव के हो गए है जिसके कारण लोग ज्ञान और वैराग से विमुख हो गए है ।इसलिए कलयुग में श्री कृष्ण भक्ति ही सार हैं और श्री कृष्ण भक्ति की प्राप्ति भागवत कथा के द्वारा ही सम्भव है। भागवत कथा के द्वारा ही वास्तविक ब्रह्म तत्व को बोध हो सकता हैं ।कथा के दौरान महाराज जी ने कहा कि वर्तमान समय मे प्रत्येक मनुष्य बिभिन्न दुःख एवम चिंताओं से घिरा हुआ है ।इसका मूल कारण हैं अध्यात्म से दूरी ।मनुष्य को सुखी जीवन जीने के लिए नियमित एक आध्यात्मिक ग्रन्थ का अध्यन करना चाहिए।हिन्दू नव वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित योग विज्ञान शिविर के प्रथम दिन ठीक 5 बजे सुबह से ही गोविंद जी महाराज ने उपस्थित योग प्रेमी श्रद्धालुओ को ॐ कार के उच्चारण के साथ वैदिक मंत्रोच्चार करवाने के बाद यौगिन्ग, जॉगिंग ,सूर्य नमस्कार ,आसन ,प्रणायाम ,खान पान जीवन शैली ,ब्रह्मचर्य आदि की शिक्षा दी ।योग शिविर के दौरान गोविंद जी महाराज ने कहा कि नियमित योगाभ्यास करने वालो के लिए ब्रह्मचर्य पालन अति आवश्यक है ।क्योंकि ब्रह्मचर्य पालन से ही योग में सिद्धि की प्राप्ति सम्भव है ।इस अवसर पर सैकड़ो उपस्थित श्रद्धालु भक्तो ने योग का अभ्यास किया और कार्यक्रम के संयोजक दयानन्द सिंह ने उपस्तिथ श्रद्धालुओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमलोगों का अहोभाग्य हैं कि बक़वा गाव में निःशुल्क योग शिविर और भागवत कथा का जनसहयोग से आयोजन हुआ है ।इसलिए समस्त ग्रामीणों को इसका लाभ लेना चाहिए।