विद्यालय में संस्थापक की याद में किया गया कवि सम्मेलन का आयोजन
✍जितेंद्र यादव बीघापुर/उन्नाव उ.प्र. :-श्री गंगोत्री इण्टर कालेज महरामऊ सिकन्दरपुर उन्नाव में विद्यालय के संस्थापक स्व0 राम बिहारी सिंह की पुण्य तिथि पर विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसमें प्रदेश के कोने-कोने के कवियों ने अपनी कविताओं से समाज को दिशा देने का काम किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ वागेष्वरी के चित्र पर दीप पुष्प अर्पित कर अध्यक्ष आचार्य महादेव महर्शि ने किया।
इसके बाद मिश्रिख से आए जगजीन मिश्रा की वाणी वंदना के साथ विधिवत कवि सम्मेलन का प्रारम्भ हुआ। प्रेम में छाँव है तो कहीं धूप है,प्रेम होता भी भावों के अनुरूप है। वहीं योगेन्द्र कुमार ने पढ़ा- डराते हो बहुत और कहते हो डरने नहीं देंगे,पिला करके जहर अब कहते हो मरने नहीं देंगे। फतेहपुर से आए समीर शुक्ल ने जोरदार हास्य कविता पढ़ा- दुलहिन के आगे है फेल कैटरीना, हमार गाँव मुंदरीम जइसे नगीना। इसके बाद डाॅ0 मान सिंह ने प्रेम की कविताएं पढ़ीं- हो चित की चोरनी तुम खूब बेहतर जानता हूँ मैं, चुरा कर दिल मेरा तुम ले गई हो जानता हूँ मैं, चला कर रूप का जादू हंसी कातिल बिखेरी हो, तुम्हारे तीर के हर घाव को पहचानता हूँ मैं।
इसके बाद स्वयं श्रीवास्तव ने पढ़ा बातों का दौर है ये कयासों का दौर है,जिन्दों की अर्थियों पे बतासों का दौर है, जो तृप्त उनके पा स समन्दर रखा मिला,प्यासों के इर्द गिर्द तमाशो का दौर है।इसके बाद हास्स के उदीयमान हस्ताक्षर रायबरेली के संदीप शरारती ने पढ़ा- राश्ट्रगान वन्देमातरम जो न बोले, उसके कान पर तान कर कन्टाप मारिए।
बारबंकी से आए राम किशोर तिवारी ने वीररस की कविताओं से जोश भरा- उठो जवानों फिर से तुमको भारत नया बनाना है,जय स्वदेश जय वीर शिवाजी हर हर बम बम गाना है। लोक भाशा में हास्य लिखने वाले गया प्रसाद धुन्नर ने पढ़ा- आंसौ डिठूनन का लइकै लटठु खेदि लिहौ,जइहै न दलिद्दुरु सूप के बजाए ते।

उमा शंकर यादव ने पढ़ा- लहरात ये तिरंगा जिसके न भाए मन ऐसे देश द्रोही अभी भारत को छोड़ दें। संचालन कर रहे अनिरुद्ध सौरभ ने ओज पूर्ण रचनाओं से जोष भरा- वन्देमातरम् बीज मंत्र ये हमसे जुदा नहीं होगा, करता निर्णय खुदा किन्तु निर्णायक खुदा नहीं होगा। कार्यक्रम का संयोजन रोशन लाल यादव ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने शिरत की।विद्यालय प्रबंधतंत्र ने इस अवसर पर षिक्षक, षिक्षिकाओं को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम में सुरेन्द्र यादव, ज्ञान प्रकाष, प्रदीप, षैेलेन्द्र, संत राम, जीतेन्द्र, राम बहादुर, विनीत, कु0ज्योति सिंह, रिंकी पाण्डेय आदि लोग रहे।अंत में प्रधानाचार्य विजय बहादुर यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया।