लहलादपुर(सारण): प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सीडीपीओ कार्यालय का ताला अक्सर बंद ही रहता है।शनिवार को भी लगभग दो बजे बाल विकास परियोजना कार्यालय का ताला बंद पाया गया।अक्सर कार्यालय का ताला बंद रखना इसे अफसरों की मनमानी कहें या कुछ और।
लहलादपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय में छ: कर्मी की तैनाती की गई।इन छ: कर्मियों में एक सीडीपीओ ,दो आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका,एक प्रधान सहायक,एक बीसी समेत एक डाटा इंट्री ऑपरेटर शामिल है। बावजूद इसके किसी एक कर्मी को भी फुरसत नहीं रहती की वे कार्यालय आकर कार्यालय का संचालन कर सके।
कार्यालय का ताला नहीं खुलने से ग्रामीणों को कई योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है।ग्रामीणों की माने तो सीडीपीओ कार्यालय नियमित रुप से नहीं खुलता है। यह कार्यालय कर्मियों की सुविधा के हिसाब से खुलता एवं बंद होता है। इस परियोजना में सीडीपीओ का पद भी बीते करीब तीन साल से प्रभार में है। वर्तमान में बनियापुर सीडीपीओ के अतिरिक्त प्रभार में यह परियोजना है। इससे पहले प्रखंड स्तरीय आयोजित जनसंवाद में भी सीडीपीओ कार्यालय के एलएस या किसी कर्मी ने भाग नहीं लिया था।जनसंवाद में भी लोगों को बाल विकास परियोजना कार्यालय से जुड़ी स्कीमों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को भी सीडीपीओ कार्यालय का ताला बंद था।
इस मामले में डीपीओ अनुपमा कुमारी ने बताया की पिछले सप्ताह कार्यालय बंद मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।अब से वेतन बंद करने की कारवाई की जाएगी।